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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से छेड़छाड़ के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया कार्रवाई से भी इसकी पुष्टि होती है। विभाग की ओर से चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में खराब और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों को जब्त कर नष्ट कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन चरणों में अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान महज 49 दिनों में 2859 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इसमें फल, फास्ट फूड, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री शामिल थी। जांच के बाद कई खाद्य पदार्थों को उपयोग के लिए असुरक्षित या गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद उन्हें नष्ट कर दिया गया।
जांच में सामने आ रही मिलावट की तस्वीर
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर बाजारों, दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है।
प्रयोगशाला जांच में कई बार ऐसे नमूने सामने आते हैं, जो या तो असुरक्षित पाए जाते हैं या फिर तय गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करते। ऐसे मामलों में संबंधित दुकानदारों और कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान जब्त की गई खाद्य सामग्री केवल एक उदाहरण है। सामान्य निरीक्षण के दौरान भी बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है।
फल, मिठाई और फास्ट फूड पर विशेष नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान के दौरान फल, मिठाई और फास्ट फूड जैसे खाद्य पदार्थों की जांच पर विशेष ध्यान दिया। गर्मी और त्योहारों के मौसम में खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है, जिसके चलते मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है।
फलों को जल्दी पकाने के लिए रसायनों के इस्तेमाल, मिठाइयों में खराब सामग्री के उपयोग और फास्ट फूड में गुणवत्ता से समझौते जैसी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
इसी को देखते हुए विभाग ने बाजारों में निरीक्षण बढ़ाया और संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच कराई।
ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म के खिलाफ नहीं मिली शिकायत
वर्तमान कार्रवाई के दौरान स्विगी और इंस्टामार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभी तक इन सेवाओं से जुड़ी किसी खाद्य गुणवत्ता संबंधी शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियम सभी विक्रेताओं और प्लेटफॉर्म पर समान रूप से लागू होते हैं। यदि किसी भी माध्यम से खाद्य गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। खुले में रखी खाद्य सामग्री, खराब पैकिंग वाले उत्पाद या संदिग्ध गुणवत्ता वाले सामान से बचना चाहिए।
इसके अलावा उपभोक्ताओं को बिल लेने और खाद्य पदार्थों की पैकिंग पर दी गई जानकारी को ध्यान से देखने की सलाह दी जाती है। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
लगातार जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि बाजारों में मिलावट रोकने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। विभाग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों के अनुसार, केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों को भी नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने से न केवल उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि बाजार में भरोसा भी बढ़ेगा।
2859 किलो खाद्य सामग्री की जब्ती और नष्ट किए जाने की कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब विभाग की कोशिश है कि नियमित जांच और सख्त कार्रवाई के जरिए मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।





