उत्तर प्रदेश

महराजगंज में जिला पंचायत अध्यक्ष का WhatsApp हैक, साइबर ठगों ने अधिकारियों से मांगे 25 हजार रुपये

Saba Naaz
29 July 2026 5:24 PM IST
महराजगंज में जिला पंचायत अध्यक्ष का WhatsApp हैक, साइबर ठगों ने अधिकारियों से मांगे 25 हजार रुपये
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उत्तर प्रदेश: महराजगंज जिले में साइबर अपराधियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल को निशाना बनाते हुए उनका WhatsApp अकाउंट हैक कर लिया। हैकर्स ने अध्यक्ष के नंबर का इस्तेमाल कर जिले के कई अधिकारियों और परिचितों को रुपये भेजने के लिए संदेश भेजे। हालांकि, अधिकारियों की सतर्कता के कारण साइबर ठगों की यह कोशिश नाकाम हो गई और किसी ने भी उनके खाते में पैसे ट्रांसफर नहीं किए।

जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब दो बजे जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल का WhatsApp अकाउंट साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। इसके बाद जालसाजों ने उनके नंबर से जनपद स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य परिचितों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। संदेश में ठगों ने खुद को जिला पंचायत अध्यक्ष बताते हुए तत्काल आर्थिक मदद की मांग की।

साइबर अपराधियों ने अधिकारियों को भेजे गए संदेश में लिखा कि एक जरूरी काम के लिए पैसों की आवश्यकता है और उनका यूपीआई काम नहीं कर रहा है। इसलिए उन्हें तुरंत 25 हजार रुपये भेज दिए जाएं। ठगों ने बातचीत का तरीका भी ऐसा रखा कि सामने वाले व्यक्ति को शक न हो और वह जल्दी से पैसे भेज दे।

बताया जा रहा है कि विकास भवन के जिला विकास अधिकारी (DDO), एआर कोऑपरेटिव समेत कई अधिकारियों के मोबाइल पर जिला पंचायत अध्यक्ष के नंबर से संदेश पहुंचे। कुछ अधिकारियों ने संदेश मिलने के बाद तुरंत प्रतिक्रिया देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बातचीत के दौरान कुछ संदेह हुआ।

सतर्क अधिकारियों ने पैसे भेजने के बजाय सीधे जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल से संपर्क किया। फोन पर बात होने के बाद पता चला कि उनका WhatsApp अकाउंट हैक हो चुका है और साइबर अपराधी उनके नाम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने तुरंत लोगों को सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनके नंबर से अगर किसी व्यक्ति के पास रुपये मांगने वाला कोई संदेश आता है तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी स्थिति में पैसे ट्रांसफर न करें।

रविकांत पटेल ने इस मामले की सूचना साइबर थाने को दी और अपने अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों को अलर्ट किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल अकाउंट हैक होने के कारण साइबर अपराधियों ने कई लोगों को उनके नाम से पैसे मांगने वाले संदेश भेजे हैं।

घटना के बाद साइबर थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। साइबर थाना प्रभारी रासिद खान ने बताया कि मामले की सूचना प्राप्त हुई है और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि WhatsApp अकाउंट किस तरह हैक किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस साइबर अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रही है। साथ ही उन नंबरों और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है, जिनके माध्यम से ठगी का प्रयास किया गया।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल जालसाज लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर उनके परिचितों और रिश्तेदारों को निशाना बना रहे हैं। वे किसी भरोसेमंद व्यक्ति के नाम से पैसे मांगकर लोगों को भ्रमित करते हैं। ऐसे मामलों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अगर किसी परिचित व्यक्ति के नंबर से अचानक पैसों की मांग की जाती है तो पहले फोन करके इसकी पुष्टि जरूर करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और WhatsApp समेत सभी सोशल मीडिया अकाउंट में टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर सक्रिय रखें।

महराजगंज में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अधिकारियों की सतर्कता के कारण इस बार ठगी की वारदात सफल नहीं हो सकी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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