उत्तर प्रदेश

Maha Kumbh : खराब पनीर और बाटी-चोखा देने पर जुर्माना

Uma Verma
23 March 2025 11:11 AM IST
Maha Kumbh : खराब पनीर और बाटी-चोखा देने पर जुर्माना
x

काशी | काशी में आयोजित महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को खाने में खराब पनीर और बाटी-चोखा दिए जाने का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 100 में से 71 खाद्य नमूनों को फेल करार दिया। इन नमूनों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो सकता था। इसके चलते अधिकारियों ने 57.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

खराब गुणवत्ता की खाद्य सामग्री

महाकुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाती है। लेकिन इस बार जांच में पाया गया कि श्रद्धालुओं को दिए गए कुछ खाद्य पदार्थ, खासकर पनीर और बाटी-चोखा, खराब गुणवत्ता के थे। अधिकारियों ने इन खाद्य सामग्रियों के नमूने लिए और प्रयोगशाला में जांच की। जांच के बाद, 71 नमूने फेल कर दिए गए, जो दर्शाते हैं कि खाद्य सामग्री में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व हो सकते थे।

कड़े कदम और जुर्माना

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लिया और दोषी खाद्य उत्पादकों के खिलाफ कड़े कदम उठाए। 57.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिससे यह संदेश दिया गया है कि किसी भी श्रद्धालु के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगर फिर से किसी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य की देखभाल प्राथमिकता होती है। इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की कि कोई भी श्रद्धालु खराब गुणवत्ता वाले भोजन से प्रभावित न हो। प्रशासन ने इसके बाद सभी खाद्य सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि वे गुणवत्ता मानकों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

निष्कर्ष

काशी महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को खराब पनीर और बाटी-चोखा खिलाने का मामला प्रशासन के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बन गया था। हालांकि, अधिकारियों की तत्परता और कड़ी कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया गया कि ऐसे मामलों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। जुर्माने और कड़ी चेतावनी से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


Next Story