उत्तर प्रदेश

UP में मदरसा राजनीति फिर तेज, केशव मौर्य का विवादित बयान चर्चा में

Ratna Netam
5 Aug 2026 8:39 PM IST
UP  में मदरसा राजनीति फिर तेज, केशव मौर्य का विवादित बयान चर्चा में
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में मदरसों को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने मदरसों और समाजवादी पार्टी को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं, जिनके बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मौर्य ने कहा कि देश और दुनिया में आतंकवाद से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने मदरसा शिक्षा को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि "मदरसा पाकिस्तान का हो, बांग्लादेश का हो या भारत का, वह आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री है।" उनके इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि दुनिया और भारत में हुए कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे ऐसे लोगों की भूमिका रही है, जो मदरसा शिक्षा से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर विषय है, जिस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने बयान के समर्थन में कोई विशेष उदाहरण या आधिकारिक आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया। उनके बयान को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
केशव प्रसाद मौर्य ने इस दौरान समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष **अखिलेश यादव** पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी केवल मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती है और तुष्टिकरण की नीति अपनाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद की राजनीति करती है, जबकि समाजवादी पार्टी केवल वोटों के लिए विशेष समुदाय को साधने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव मुस्लिम वोटों के लिए जालदार टोपी पहन सकते हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता। हमारी राजनीति राष्ट्रहित और विकास पर आधारित है।"
उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सुशासन, कानून व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उनके अनुसार प्रदेश में गरीबों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने और किसानों को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों का लाभ प्रदेश की 25 करोड़ जनता को मिल रहा है और इसी कारण जनता लगातार भाजपा को अपना समर्थन दे रही है।
सपा पर हमला जारी रखते हुए मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी अब केवल विरोध और हंगामा करने तक सीमित रह गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर "हल्ला-गुल्ला पार्टी" रख देना चाहिए, क्योंकि उसके पास जनता के हित में कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है। उनके अनुसार विधानसभा के भीतर भी सपा विधायक विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय व्यवधान उत्पन्न करने का काम कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने आगामी **2027 के विधानसभा चुनाव** का भी जिक्र किया और दावा किया कि प्रदेश में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को जनता पहले ही नकार चुकी है और आने वाले चुनाव में भी उसे हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि "समाजवादी पार्टी 2027 में सैफई चली जाएगी, जबकि भाजपा फिर से पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।"
राम मंदिर और चढ़ावे से जुड़े हालिया राजनीतिक विवाद पर भी मौर्य ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को श्रीराम मंदिर या उससे जुड़े किसी भी विषय पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनके अनुसार विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि भाजपा सरकार प्रदेश के विकास और जनता के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के हित में कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता भाजपा सरकार के कामकाज से संतुष्ट है और भविष्य में भी उसे अपना समर्थन देती रहेगी।
केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद प्रदेश में मदरसों, शिक्षा और राजनीति को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के बयान प्रदेश की सियासत को और अधिक गर्मा सकते हैं। विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और इस मुद्दे पर आगे होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर अब सभी की नजर रहेगी।
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