उत्तर प्रदेश

काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर में मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं, रेल मंत्री ने बताई खासियत

Ratna Netam
31 Oct 2026 5:37 PM IST
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर में मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं, रेल मंत्री ने बताई खासियत
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वाराणसी। भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की रेल यात्रा को आधुनिक और आरामदायक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, बेहतर स्लीपर बर्थ और रेल कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रेन के डिजाइन में यात्रियों की सुविधा से लेकर क्रू मेंबर्स की जरूरतों तक हर बारीक पहलू पर ध्यान दिया गया है।काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने वाली आधुनिक रात्रिकालीन रेल सेवा है। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इस सेवा के शुरू होने से धार्मिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।
हर छोटी सुविधा का रखा गया ध्यान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके निर्माण में यात्रियों के आराम, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई है।ट्रेन में आरामदायक बर्थ, आधुनिक शौचालय, स्वचालित दरवाजे, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और शोर कम करने वाली तकनीक शामिल की गई है। यात्रियों को रात में आरामदायक नींद मिल सके, इसके लिए बर्थ के डिजाइन और कुशनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है।ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए सुविधाजनक सीढ़ियां बनाई गई हैं। यात्रियों को मोबाइल चार्जिंग, रीडिंग लाइट और सामान रखने की व्यवस्था भी मिलेगी।रेलवे के अनुसार, इस ट्रेन का उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना और आधुनिक रेल तकनीक का लाभ आम यात्रियों तक पहुंचाना है।
क्रू मेंबर्स के लिए अलग सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की खास बात यह है कि इसमें यात्रियों के साथ रेल कर्मचारियों की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है।ट्रेन में कार्यरत अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों के लिए अलग बर्थ की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त ड्राइवर केबिन में एयर कंडीशनिंग और क्रू के उपयोग के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लंबी दूरी की ट्रेनों में कर्मचारियों के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध होना परिचालन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे कर्मचारी निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक व्यवस्थित तरीके से कर सकते हैं।रेल मंत्रालय ने बताया कि नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में चालक दल और यात्रियों के बीच संचार के लिए आधुनिक व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।
16 कोच वाली ट्रेन में 823 यात्रियों के लिए बर्थ
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें प्रथम श्रेणी वातानुकूलित, द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित और तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच शामिल हैं।ट्रेन में कुल 823 बर्थ की व्यवस्था है। इनमें 611 बर्थ थर्ड एसी, 188 बर्थ सेकंड एसी और 24 बर्थ फर्स्ट एसी श्रेणी में उपलब्ध हैं।बर्थ की डिजाइनिंग में आराम और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखा गया है। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। फर्स्ट एसी श्रेणी में गर्म पानी से स्नान करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होगी ट्रेन
रेल मंत्रालय के अनुसार, नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी।वापसी में यह ट्रेन नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी।मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में यह ट्रेन वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में लगभग 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में करीब 35 मिनट की बचत करेगी।रेल मंत्रालय के अनुसार, वाराणसी से चलने वाली सेवा शुक्रवार को और नई दिल्ली से चलने वाली सेवा शनिवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।
सुरक्षा के लिए कवच और सीसीटीवी की सुविधा
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सुरक्षा के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इनमें स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच, सीसीटीवी कैमरे, आग और धुएं का पता लगाने वाली प्रणाली तथा आपातकालीन अलार्म शामिल हैं।ट्रेन में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष फायर बैरियर दरवाजे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों को ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट से संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध है।ट्रेन में रीजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक भी लगाई गई है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा दक्षता बढ़ाना है।
ट्रेन संचालन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर के उद्घाटन संचालन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 13 सदस्यीय क्रू में सात महिला कर्मचारी शामिल की गईं।इनमें महिला सहायक लोको पायलट, महिला गार्ड और पांच महिला टिकट जांच कर्मचारी शामिल हैं।मुख्य लोको पायलट की जिम्मेदारी जौनपुर निवासी हरिशंकर यादव को सौंपी गई, जबकि सहायक लोको पायलट के रूप में श्रीनी श्रीवास्तव और गार्ड के रूप में ज्योति की तैनाती की गई।
रेलवे ने तैयार किया 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट का प्लान
रेल मंत्रालय ने देश में वंदे भारत स्लीपर सेवाओं के विस्तार के लिए कुल 260 ट्रेनसेट तैयार करने की योजना बनाई है।इन ट्रेनों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। फरवरी 2026 में लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेनसेट के विकास में प्रोटोटाइप निर्माण, तकनीकी परीक्षण और नियमित उत्पादन जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।रेलवे का लक्ष्य आधुनिक सुविधाओं वाली रात्रिकालीन रेल सेवाओं का विस्तार करना है, ताकि यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में अधिक आराम और बेहतर सुरक्षा मिल सके।काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का शुभारंभ इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन के डिजाइन और सुविधाओं का उल्लेख करते हुए इसे आधुनिक भारतीय रेलवे की नई पहल बताया। अब यात्रियों को इस सेवा के माध्यम से रात में सफर करके अगली सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।
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