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वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण बनारस स्टेशन (मंडुआडीह) पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर लगाया गया लगेज स्कैनर पिछले कई महीनों से खराब पड़ा है। इसके कारण यात्री बिना सामान की जांच कराए ही प्लेटफॉर्म और ट्रेनों तक पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
बनारस स्टेशन वाराणसी का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन माना जाता है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन होता है। करीब 30 जोड़ी ट्रेनों के आवागमन वाले इस स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से यहां हर स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है।
रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुसार यात्रियों के बैग और अन्य सामानों की जांच लगेज स्कैनर के माध्यम से की जाती है। इसका उद्देश्य किसी भी संदिग्ध वस्तु या प्रतिबंधित सामग्री को स्टेशन परिसर और ट्रेनों तक पहुंचने से रोकना है। लेकिन बनारस स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर यह व्यवस्था लंबे समय से बंद पड़ी है।
जानकारी के अनुसार, प्रवेश द्वार पर लगा लगेज स्कैनर कई महीनों से खराब है। खराब मशीन अब धूल फांक रही है। मशीन पर धूल की मोटी परत जमा हो चुकी है और उसे एक कोने में रख दिया गया है। इसके चलते यात्रियों के सामान की जांच प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
स्टेशन पर आने वाले यात्रियों का कहना है कि प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। सामान की जांच नहीं होने से कोई भी व्यक्ति आसानी से अपने बैग और अन्य सामान के साथ प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकता है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द स्कैनर को ठीक कराने की मांग की है।
रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। खासतौर पर ऐसे समय में जब देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है, बनारस स्टेशन पर महीनों से स्कैनर खराब होना चिंता का विषय बना हुआ है।
द्वितीय प्रवेश द्वार से बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन में प्रवेश करते हैं। इस रास्ते पर स्कैनर की अनुपलब्धता के कारण सुरक्षा कर्मियों के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। हर यात्री और उसके सामान की मैनुअल जांच करना आसान नहीं होता, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक खराब स्कैनर को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि इसे कब तक ठीक किया जाएगा। हालांकि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्टेशन परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए समय-समय पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभियान चलाए जाते हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन प्रवेश द्वार पर सामान जांच की मुख्य व्यवस्था ही खराब होने से सुरक्षा तंत्र कमजोर नजर आ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि बनारस जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर सुरक्षा उपकरणों का लगातार खराब रहना रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। यदि मशीन खराब है तो वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न हो।
रेलवे प्रशासन से उम्मीद है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खराब लगेज स्कैनर को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण लंबे समय तक खराब न रहें।
फिलहाल बनारस स्टेशन पर बिना सामान जांच के यात्रियों का प्रवेश जारी है। ऐसे में रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिया जाए।





