उत्तर प्रदेश

Lucknow: सुप्रीम कोर्ट आदेश चुनौती पर योगी सरकार तैयार

Admindelhi1
16 Sept 2025 2:32 PM IST
Lucknow: सुप्रीम कोर्ट आदेश चुनौती पर योगी सरकार तैयार
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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है, जिसमें प्रदेश के शिक्षकों के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता को लागू करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग को इस आदेश के खिलाफ रिवीजन दाखिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के शिक्षक न केवल वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं, बल्कि उनके पास शिक्षा और बच्चों के मार्गदर्शन का व्यापक अनुभव भी है। राज्य सरकार समय-समय पर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करती रही है, जिससे उनकी दक्षता और कार्य क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की योग्यता और सेवा के वर्षों को नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं होगा। यह उन लाखों शिक्षकों के आत्मसम्मान और अधिकारों से जुड़ा हुआ विषय है, जिन्होंने लंबे समय से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती दी है।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय का उत्तर प्रदेश टीचर्स फेडरेशन ने स्वागत किया है। संगठन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कदम शिक्षक हित में है और इससे उनका मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि विभाग रिवीजन दाखिल करने से पहले राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से यह स्पष्ट कराए कि आरटीई-2009 (Right to Education Act) की धारा 23(2) का संशोधन उन शिक्षकों पर लागू नहीं होता, जिनकी नियुक्ति आरटीई लागू होने से पूर्व हुई थी।

फेडरेशन का मानना है कि यदि इस संशोधन को पुराने शिक्षकों पर लागू किया गया, तो यह उनके वर्षों के परिश्रम और अनुभव को नकारने जैसा होगा। संगठन ने सरकार से अपेक्षा जताई है कि वह इस मामले को मजबूती से कोर्ट में रखे, ताकि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

शिक्षा विशेषज्ञों का भी कहना है कि इस आदेश पर पुनर्विचार होना चाहिए क्योंकि यदि पहले से कार्यरत शिक्षकों को अनिवार्य रूप से टीईटी पास करने का दबाव डाला गया तो यह शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन पैदा करेगा और कई अनुभवी शिक्षक हतोत्साहित होंगे। वहीं दूसरी ओर, प्रशिक्षण और अनुभव को महत्व देकर राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह शिक्षकों के साथ खड़ी है।इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ लाखों शिक्षकों के हित और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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