उत्तर प्रदेश

Lucknow: चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा, चारबाग स्टेशन बना मदद का केंद्र

Admindelhi1
1 Nov 2025 11:13 AM IST
Lucknow: चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा, चारबाग स्टेशन बना मदद का केंद्र
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लखनऊ; चारबाग रेलवे स्टेशन पर महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। महिला और बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। महिला को चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा हुई। रेलवे स्टेशन पहुंचने पर रेलवे की टीम ने महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। स्टेशन परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

गुरुवार 30 अक्टूबर को महिला समस्तीपुर जा रही थी। आवश्यक चिकित्सीय जांच के बाद महिला परिवार समेत अपने घर चली गई। महिला और उसके घरवालों ने रेलवे के डॉक्टर और कर्मचारियों काे थैंक्यू कहा। यह घटना गुरुवार 30 अक्टूबर की है। ट्रेन संख्या 15910 अवध आसाम एक्सप्रेस में समस्तीपुर निवासी हीरा देवी, पत्नी छोटू अपने परिवार के साथ लालगढ़ से समस्तीपुर की ओर यात्रा कर रही थीं। ट्रेन जब लखनऊ पहुंचने के करीब थी, तभी हीरा को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

परिवार ने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर मदद मांगी। हेल्पलाइन से यह सूचना उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल कार्यालय को मिली। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत चिकित्सीय सहायता की व्यवस्था शुरू कर दी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी के निर्देशन में रेलवे की आपात टीम ने तुरंत महिला आरपीएफ कर्मियों, मंडलीय चिकित्सालय की चिकित्सक टीम और इमरजेंसी मेडिकल रूम को सतर्क किया। चारबाग स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही पूरा इंतजाम कर लिया गया।

जैसे ही ट्रेन चारबाग स्टेशन पर पहुंची रेलवे की महिला चिकित्सक टीम ने महिला यात्री को सुरक्षित उतारा। प्राथमिक जांच की। महिला की स्थिति गंभीर देखते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा को भी कॉल किया। एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही महिला की स्थिति ऐसी हो गई कि तत्काल प्रसव कराना पड़ा। मौके पर मौजूद रेलवे के डॉक्टरों ने सूझबूझ दिखाते हुए स्टेशन परिसर में ही सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने जुड़वां बच्चों बेटा और बेटी को जन्म दिया। रेलवे चिकित्सालय के डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव के बाद हीरा देवी और दोनों नवजात बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्हें चिकित्सीय निगरानी में रखा गया। सभी आवश्यक जांचें की गईं। महिला की हालत स्थिर होने के बाद उन्हें अस्पताल भेजने का सुझाव दिया गया, लेकिन उन्होंने रेलवे द्वारा दी गई तत्काल सहायता पर संतुष्टि जताते हुए अस्पताल जाने से मना कर दिया। महिला के परिजनों ने कहा कि अगर रेलवे ने इतनी तत्परता नहीं दिखाई होती तो शायद स्थिति गंभीर हो जाती। उन्होंने रेलवे चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आरपीएफ की महिला सिपाहियों का आभार व्यक्त किया। परिवार बाद में ग्वालियर–बरौनी एक्सप्रेस से अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गया। इस दौरान स्टेशन परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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