उत्तर प्रदेश

Lucknow: बसंतकुंज में बदलाव ने दिखाई स्वच्छ भारत की दिशा

Admindelhi1
26 Dec 2025 1:57 PM IST
Lucknow: बसंतकुंज में बदलाव ने दिखाई स्वच्छ भारत की दिशा
x

लखनऊ: हरदोई रोड स्थित बसंतकुंज के पास कभी शहर का सबसे बदनाम कूड़ा स्थल रहा इलाका अब ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के रूप में नई पहचान के साथ सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण किया गया। यह वही स्थान है, जहां कभी लखनऊ शहर का प्रतिदिन करीब 1200 मीट्रिक टन कूड़ा डाला जाता था और वर्षों में यहां करीब छह लाख मीट्रिक टन कूड़े का 30 फीट ऊंचा पहाड़ खड़ा हो गया था।

स्थिति यह थी कि इस इलाके के पास से गुजरना भी लोगों के लिए मुश्किल हो जाता था। सड़क से एक किलोमीटर दूर पहुंचते ही बदबू इतनी तेज होती थी कि लोग नाक बंद कर लेते थे और कारों के शीशे तक बंद करने पड़ते थे। हवा तक दूषित हो चुकी थी और आसपास रहने वाले लोगों का जीवन नारकीय हो गया था। धीरे-धीरे यह स्थान ‘घैला का कूड़ा स्थल’ के नाम से कुख्यात हो गया था।

अब इस क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से कूड़े का उपचार कर ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। छह लाख मीट्रिक टन पुराने कूड़े को प्रोसेस कर न सिर्फ पहाड़ को समाप्त किया गया, बल्कि उससे उपयोगी मिट्टी भी तैयार की गई। इस मिट्टी का उपयोग किसानों द्वारा खेतों में किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि को भी लाभ पहुंचा।

कभी बदबू और बीमारियों का केंद्र रहा यह इलाका अब हरियाली, स्वच्छता और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित इस क्षेत्र में देश के महापुरुषों के विचारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को प्रदर्शित किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और विकास की प्रेरणा मिल सके।

यह परियोजना न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनकर सामने आई है कि किस तरह इच्छाशक्ति, तकनीक और सुनियोजित प्रयासों से कूड़े के पहाड़ को भी प्रेरणा के स्थल में बदला जा सकता है। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर इसका लोकार्पण शहर के लिए एक नई शुरुआत और स्वच्छ भविष्य का संदेश माना जा रहा है।

Next Story