उत्तर प्रदेश

Lucknow: मौसमी सब्जी हरी मटर के दाम इस बार आसमान छू रहे

shid
28 Dec 2024 3:35 PM IST
Lucknow: मौसमी सब्जी हरी मटर के दाम इस बार आसमान छू रहे
x

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: सर्दियों में हर भारतीय रसोई की शान रहने वाली हरी मटर इस बार अपने रिकॉर्ड दामों की वजह से चर्चा में है। शादियों का सीजन खत्म होने के बावजूद सब्जियों के दाम कम नहीं हो रहे हैं। खासकर हरी मटर के दाम खुदरा बाजार में 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। जानकारों का मानना ​​है कि जनवरी तक इन कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन 30 से 40 रुपये प्रति किलो से नीचे आना मुश्किल है। भारतीय किसान एवं आढ़ती कल्याण संघ के अध्यक्ष नजमुद्दीन राइनी के मुताबिक मध्य प्रदेश और पंजाब में इस बार हरी मटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जबलपुर से सीमित आपूर्ति हो रही है, जिससे मांग पूरी नहीं हो पा रही है।

यही वजह है कि बाजार में मटर के दाम 45 से 50 रुपये प्रति किलो हैं, जबकि खुदरा में यह 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है। हरी मटर के अलावा अन्य सब्जियों के दामों में भी उम्मीद के मुताबिक कमी नहीं आई है। लखनऊ आलू मंडी में आलू का भाव 13 से 15 रुपये किलो है, लेकिन खुदरा में यह 20 से 25 रुपये किलो बिक रहा है। प्याज 10 से 20 रुपये किलो, अदरक 50 रुपये किलो और टमाटर 15 से 20 रुपये किलो बिक रहा है। शादियों के सीजन में सब्जियों की मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल आना स्वाभाविक है। लेकिन इस बार सीजन खत्म होने के बाद भी सब्जियों के दाम में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है।

हरी मटर के मौजूदा दामों को देखते हुए अनुमान है कि जनवरी के दूसरे हफ्ते तक इसकी कीमतों में मामूली गिरावट आ सकती है। मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में फसल खराब होने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। बाजार में अभी सिर्फ जबलपुर से आने वाली मटर ही उपलब्ध है, लेकिन यह मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मौसम में बदलाव और फसल की स्थिति को देखते हुए हरी मटर के दामों में भारी गिरावट की उम्मीद नहीं की जा सकती। 10 जनवरी तक कीमतों में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन यह 30 रुपये प्रति किलो से नीचे नहीं आएगी। ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और दूसरे खर्चों की वजह से अक्सर मंडी और खुदरा बाजार के दामों में बड़ा अंतर होता है। रैनी बताते हैं कि जब सब्जियों की मांग बाजार में आवक से ज्यादा होती है तो खुदरा बाजार में कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं।

Next Story