उत्तर प्रदेश

Lucknow: निजी अस्पतालों के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Admindelhi1
20 Feb 2026 1:33 PM IST
Lucknow: निजी अस्पतालों के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला
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लखनऊ: निजी अस्पतालों में कार्यरत नर्सों के वेतन को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। अब 100 बेड तक के निजी अस्पतालों को अपनी स्टाफ नर्सों को न्यूनतम 20,000 रुपये मासिक वेतन देना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लागू की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं।

काफी समय से निजी अस्पतालों में कार्यरत नर्सों को कम वेतन दिए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कई जगहों पर प्रशिक्षित नर्सों को 8 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करना पड़ रहा था। इस स्थिति को लेकर विभिन्न संगठनों और स्वास्थ्यकर्मियों ने आवाज उठाई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक आदेश में स्वास्थ्यकर्मियों के न्यूनतम वेतन और कार्य परिस्थितियों को लेकर राज्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश लागू करने को कहा था। इसी के तहत अब यह नियम प्रभावी किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी संबंधित संस्थानों को वेतन संरचना का रिकॉर्ड बनाए रखना होगा और निरीक्षण के दौरान उसे प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई अस्पताल निर्धारित न्यूनतम वेतन का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें नोटिस जारी करना आर्थिक दंड

और गंभीर स्थिति में अस्पताल का लाइसेंस रद्द करना शामिल हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम समय-समय पर निरीक्षण करेगी और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी।

नर्सिंग स्टाफ में खुशी की लहर

इस निर्णय से निजी अस्पतालों में कार्यरत नर्सों में राहत और संतोष देखा जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन असमानता और कम भुगतान की समस्या बनी हुई थी। यह कदम उनके सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुछ निजी अस्पताल संचालकों का कहना है कि वेतन वृद्धि से संचालन लागत बढ़ेगी, लेकिन वे नियमों का पालन करेंगे। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर वेतन से नर्सिंग स्टाफ की कार्य क्षमता और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार संरचना पर असर

सेवा गुणवत्ता में सुधार की संभावना

नर्सिंग पेशे में स्थिरता और आकर्षण बढ़ेगा।

नर्सों का वेतन बढ़ाने का यह निर्णय स्वास्थ्य व्यवस्था में संतुलन और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लागू यह नियम न केवल स्वास्थ्यकर्मियों को आर्थिक सुरक्षा देगा, बल्कि मरीजों को भी बेहतर सेवाएं मिलने की संभावना बढ़ाएगा।

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