उत्तर प्रदेश

Lucknow: लंबी अवधि से बंद कैदियों की सूची पर सख्त आदेश

Admindelhi1
22 Jan 2026 4:45 PM IST
Lucknow: लंबी अवधि से बंद कैदियों की सूची पर सख्त आदेश
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लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश की विभिन्न जेलों में 14 वर्ष या उससे अधिक समय से निरुद्ध कैदियों का विस्तृत ब्योरा न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने ऐसे कैदियों द्वारा कानून के तहत सजा में छूट (रिमिशन) के लिए दिए गए आवेदनों और उन पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा विचार की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी तलब की है।

न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि 14 वर्ष की सजा पूरी कर चुके कितने कैदियों के मामलों में रिमिशन पर विचार किया जा रहा है और क्या संबंधित कैदियों को उनके इस वैधानिक अधिकार की जानकारी दी जाती है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या कैदियों के आचरण और जेल में गतिविधियों के आधार पर रिमिशन की प्रक्रिया स्वतः शुरू की जाती है या नहीं।

यह आदेश वर्ष 2020 में बीके सिंह परमार द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया गया है। याचिका में कहा गया है कि कानून के अनुसार प्रत्येक कैदी को 14 वर्ष की सजा पूरी करने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर समयपूर्व रिहाई पर विचार किए जाने का अधिकार है और जेल प्रशासन का यह दायित्व है कि वह प्रत्येक पात्र कैदी का मामला समय से आगे बढ़ाए।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह याचिका महत्वपूर्ण सार्वजनिक हित से जुड़ा प्रश्न उठाती है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 433 और 433-ए, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 474 तथा उत्तर प्रदेश कैदी परिवीक्षा पर रिहाई अधिनियम, 1938 और उसके नियमों के तहत कैदियों के मामलों पर समयबद्ध विचार आवश्यक है। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (गृह) को निर्देश दिया है कि वे स्वयं शपथ पत्र दाखिल कर सभी आवश्यक विवरण रिकॉर्ड पर रखें। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को निर्धारित की गई है।

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