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Lucknow: एसटीएफ टीम पर दबिश के दौरान पथराव, गाड़ियां तोड़ीं

लखनऊ: दुबग्गा इलाके में एसटीएफ टीम पर अराजकतत्वों ने हमला कर दिया, जिसमें पथराव किया गया और उनकी गाड़ियां तोड़ दीं। इस हमले में कुछ एसटीएफ कर्मी घायल हो गए। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हमलावरों को भागने पर मजबूर कर दिया। एसटीएफ ने केबिल चोरी करने वाले गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया और 40 लाख रुपये का माल, डीसीएम, हाइड्रा और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद किए। इस मामले में एसटीएफ इंस्पेक्टर की शिकायत पर 13 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
चोरी का खुलासा
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की हाई वोल्टेज इंसोलोटिड केबिल और अन्य उपकरणों की चोरी की जा रही थी। एसटीएफ के इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र कुमार राय की टीम इस चोरी का खुलासा करने में लगी थी। शुक्रवार रात करीब 9 बजे टीम ने कूड़ा चौराहे से माल रोड जाने वाली सड़क पर स्थित शुक्ला पान की गुमटी के पास दबिश दी। टीम को देखकर डीसीएम और हाइड्रा चालक भागने लगे, तभी आरोपियों के मददगारों ने लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला कर दिया। एसटीएफ टीम ने छह आरोपियों को दबोच लिया और मौके से 33 केवी इंसुलोटिड केबिल के दो ड्रम, चोरी में इस्तेमाल होने वाले हाइड्रा, दो कार और एक अन्य वाहन बरामद किए।
हमले के दौरान धमकियां और गालियां
एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि जब टीम ने छह आरोपियों को पकड़ा, तो वहां मौजूद मददगारों ने गालियां दीं और धमकियां दीं। कुछ लोगों ने कहा, "कलीम भाई मारो इस इंस्पेक्टर को..." और एक व्यक्ति ने इंस्पेक्टर के सिर पर ईंट दे मारी। इसके बाद टीम पर पथराव किया गया। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित कर अतिरिक्त बल की मदद ली गई और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हवाई फायरिंग की, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की।
पत्थरबाजों को जुटाने की कहानी
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने आसिफ से संपर्क किया, जो सरकारी केबल ड्रम की चोरी में शामिल था। आसिफ ने अपने चचेरे भाई कलीम से संपर्क किया, जिन्होंने 10,000 रुपये में पत्थरबाजों की मदद ली। कलीम ने दर्जनभर युवकों को मौके पर भेजा, जिन्होंने पुलिस टीम पर हमला किया और फिर पत्थर, लाठी और डंडे पास के खेतों में फेंक दिए।
गिरोह के सरगना की तलाश
डीसीएम चालक से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि लखनऊ से मुजफ्फरपुर केबिल पहुंचाने के बदले उसे एक लाख रुपये का वादा किया गया था। एसटीएफ और पुलिस अब गिरोह के सरगना पवन तिवारी, ट्रांसपोर्टर संजीव दुबे, और अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश दे रहे हैं। इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और गिरोह के सरगना समेत 24 लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।





