उत्तर प्रदेश

Lucknow: STF ने खोला भर्ती पेपर लीक का गड़बड़ी नेटवर्क

Admindelhi1
9 Jan 2026 1:06 PM IST
Lucknow: STF ने खोला भर्ती पेपर लीक का गड़बड़ी नेटवर्क
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने एक बड़ा नेटवर्क उजागर किया है। जांच में पता चला है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड तत्कालीन आयोग अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय का गोपनीय सहायक महबूब अली था। इसके तार कई बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों तक जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है।

नए सुराग मिलने के कारण जांच जारी

एसटीएफ ने अब तक महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि नए सुराग मिलने के कारण जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक महबूब अली के मोबाइल और डिजिटल डाटा की जांच में कई वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े अहम साक्ष्य मिले हैं। एक बड़े अधिकारी पर विशेष संदेह जताया गया है। जिनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलेंगे, उनके खिलाफ एसटीएफ कार्रवाई करेगी। इसके अलावा दो से तीन और लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

परीक्षा रद्द और सबूत मिटाने की कोशिश

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 16 और 17 अप्रैल 2025 को आयोजित की गई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद 20 अप्रैल 2025 को एसटीएफ ने गोंडा स्थित लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के सहायक प्रोफेसर बैजनाथ पाल, उनके भाई विनय पाल और महबूब अली को गिरफ्तार किया।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पेपर लीक के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। जिन अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी दी गई थी, उनसे वापस लेकर उन्हें जला दिया गया ताकि कोई भौतिक प्रमाण न बचे। इसके बावजूद, मोबाइल और डिजिटल डेटा की मदद से एसटीएफ ने पूरे मामले का खुलासा किया।

तत्कालीन आयोग अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल

महबूब अली संविदा पर नियुक्त था, फिर भी उसे अत्यंत सुरक्षित और संवेदनशील जिम्मेदारी दी गई थी। इस जिम्मेदारी का दुरुपयोग करके उसने पेपर लीक किया।इस पूरे प्रकरण के बाद तत्कालीन आयोग अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उनकी निगरानी में चूक के कारण ही परीक्षा रद्द करनी पड़ी। उनकी भूमिका की जांच भी जारी है।एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। नए साक्ष्य मिलने के कारण और अधिकारियों के नाम सामने आने की संभावना है। यदि पुख्ता प्रमाण मिलते हैं, तो जांच में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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