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लखनऊ: नगराम थाना क्षेत्र के कुबहरा गांव में रविवार रात एक मजदूर की हत्या कर उसका शव गांव के बाहर खेत में स्थित समाधि पर फेंक दिया गया। मृतक की पहचान महेश कुमार (35) के रूप में हुई है। सोमवार सुबह उसका खून से लथपथ शव सहजराम की समाधि पर पड़ा मिला। गले में बेल्ट से कसने के निशान और शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। मामले में मृतक की पत्नी की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
महेश अपनी पत्नी सुनीता और दिव्यांग बेटे शिवा (14) के साथ कुबहरा गांव में रहता था। सुनीता के मुताबिक, रविवार रात करीब 8:30 बजे महेश टहलने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। तलाश करते हुए वह पूर्व प्रधान राजू के पालेसर पहुंची, जहां महेश गांव के दीपू, रामदीन, लवकुश और विनीता (पत्नी स्व. सहजराम) के साथ बैठे थे। सुनीता के बुलाने पर इन लोगों ने थोड़ी देर में भेजने की बात कहकर उसे लौटा दिया।
अगली सुबह महेश का शव गांव के बाहर सहजराम की समाधि पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की। शराब ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में तीन संदिग्धों की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
पुलिस ने सुनीता की शिकायत पर गांव के रामदीन, दीपू, विनीता, लवकुश, रेशमा, मीसा और सुरेंद्र कुमार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ नगराम विवेक चौधरी ने बताया कि जांच जारी है और कुछ संदिग्ध हिरासत में हैं।
पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका
महेश के बड़े भाई तिवारी ने बताया कि तीन साल पहले गांव के सहजराम ने आत्महत्या की थी। अपने सुसाइड नोट में उसने महेश और उसकी पत्नी को जिम्मेदार ठहराया था। इसके चलते दोनों को जेल भी जाना पड़ा था। अब सुनीता का आरोप है कि उसी रंजिश के चलते सहजराम के बेटे लवकुश ने अन्य लोगों के साथ मिलकर महेश की हत्या की और शव को उसके पिता की समाधि पर फेंक दिया।
एसीपी रजनीश वर्मा के अनुसार, वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद जब शाम को महेश का शव घर पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी सुनीता और मां सूर्जकली शव से लिपटकर बिलख पड़ीं। दिव्यांग बेटा शिवा और मृतक के पिता शत्रोहन व भाई तिवारी, साहबदीन और बाबूलाल भी फूट-फूटकर रो पड़े। परिजन मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार करेंगे।





