उत्तर प्रदेश

Lucknow: श्रीराम जन्मभूमि समेत संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी

Admindelhi1
18 Feb 2026 2:58 PM IST
Lucknow: श्रीराम जन्मभूमि समेत संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी
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लखनऊ: प्रदेश सरकार ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर, अयोध्या एयरपोर्ट तथा अन्य अति संवेदनशील धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए 8.90 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह निर्णय राज्य के गृह विभाग द्वारा पुलिस मुख्यालय और उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) के प्रस्ताव पर लिया गया है।

मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार स्वीकृत धनराशि से 17 नवगठित बम निरोधक एवं खोजी दस्ता (बीडीडीएस) टीमों के लिए अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। इन टीमों को पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के निर्धारित मानकों के अनुरूप आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित विस्फोटक खतरे से प्रभावी और त्वरित ढंग से निपटा जा सके।

सरकार के निर्देशानुसार यह सुरक्षा सुदृढ़ीकरण केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के अन्य उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों जैसे मेट्रो परिसरों, रिजर्व बैंक भवन और इलाहाबाद उच्च न्यायालय सहित महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों पर भी लागू होगा। इन स्थानों पर पहले से सुरक्षा प्रबंध मौजूद हैं, लेकिन बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त तकनीकी सुदृढ़ीकरण को आवश्यक माना गया है।

स्वीकृति आदेश के अनुसार 17 मैग्निफाइड सर्च किट, 17 टेलीस्कोपिक सर्च मिरर, 17 उच्च गुणवत्ता वाली दूरबीन, 17 कार रिमोट ओपनिंग टूल सेट, 17 थर्मल कटर, 17 रिमोट वायर कटर और 17 टेलीस्कोपिक मैनिपुलेटर खरीदे जाएंगे। इसके अतिरिक्त 10 अत्याधुनिक बम निरोधक सूट भी लिए जाएंगे। इन सूटों पर सबसे अधिक व्यय निर्धारित किया गया है। दस बम निरोधक सूट की अनुमानित लागत लगभग 4.94 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो कुल स्वीकृत राशि का बड़ा हिस्सा है।

अधिकारियों के अनुसार टेलीस्कोपिक मैनिपुलेटर और सर्च किट जैसे उपकरण बम निष्क्रिय करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और सटीक बनाएंगे। इनकी मदद से संदिग्ध वस्तु को दूर से नियंत्रित कर निष्क्रिय किया जा सकेगा, जिससे सुरक्षाकर्मियों की जान जोखिम में डाले बिना कार्रवाई संभव होगी। थर्मल कटर और रिमोट वायर कटर जैसे उपकरण भी विस्फोटक निष्क्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अयोध्या में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा मानकों को लगातार अपडेट करना आवश्यक है। आधुनिक उपकरणों से लैस बीडीडीएस टीमें किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम होंगी।

सरकार का मानना है कि यह निवेश प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करेगा और प्रमुख धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों पर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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