उत्तर प्रदेश

Lucknow: सहारा शहर पर सीलिंग की कार्रवाई स्थगित

Admindelhi1
2 Oct 2025 11:12 AM IST
Lucknow: सहारा शहर पर सीलिंग की कार्रवाई स्थगित
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लखनऊ: सहारा शहर सील की सीलिंग करने नगर निगम की टीम बुधवार पहुंची टीम को लौटना पड़ा। टीम के अधिकारी ताले लगाने जा रहे थे तभी सहारा के प्रतिनिधि पहुंच गए। उन्होंने समय देने की मिन्नतें कीं जिसके बाद 3 दिन का समय दे दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल, एटीएफ, पीएसी बल भी मौजूद रहा।

नगर निगम की टीम ने 3 दिन के अंदर सामान निकालने और सहारा शहर खाली करने का समय दिया है। लखनऊ नगर निगम की टीम पांच ताले और 5 जंजीर लेकर पहुंची थी। गेट की सीलिंग करने ही वाली थी, तभी प्रतिनिधियों ने कुछ दिन समय देने की गुजारिश की। मोहलत देने के बाद परिसर में वीआईपी गाड़ियों का मूवमेंट बढ़ गया है।

बताया जा रहा है कि सीलिंग करने पहुंचे नगर निगम के अधिकारी सहारा के लोगों की एक भी नहीं सुन रहे थे। इसके बाद सहारा के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के आलाधिकारियों से बातचीत करनी शुरू की। तब जाकर दोनों पक्ष 3 दिन की मोहलत पर सहमत हुए। सहारा समूह की 130 एकड़ जमीन पर बनी संपत्तियों (सुब्रतो कोठी) को नगर निगम सील करेगा। सुब्रतो कोठी परिसर में सहारा श्री का लग्जरी महलनुमा बंग्ला, ऑफिस, स्टेडियम, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, पेट्रोल पंप, फायर स्टेशन, स्विमिंग पूल, हेलीपैड, थिएटर, अस्पताल, झील, क्लब, गेस्ट हाउस सहित अन्य लग्जरी सुविधाएं हैं। यहां कभी अमिताभ बच्चन, मुलायम सिंह यादव जैसी हस्तियां आती थीं। इनको अब नगर निगम कब्जे में लेकर परिसर को पूरी तरह से खाली कराएगा।

अधिकारियों के मुताबिक नगर निगम की तरफ से नोटिस दिए जाने के बाद सहारा ने इसपर जवाब दिया जिसका नगर निगम ने खंडन कर दिया। जिसके बाद से नोटिस में दिया गया समय खत्म होने के बाद एक्शन होना है। नगर निगम के संपत्ति विभाग की तरफ से सहारा शहर में सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही 130 एकड़ परिसर में सहारा श्री के घर में रहने कर्मचारियों, केयर टेकर और सुरक्षा कर्मियों को परिसर खाली करने का निर्देश दिया जाएगा। शहर के सभी गेटों को बंद कर सीलिंग की जाएगी, सिर्फ एक गेट नगर निगम की तरफ से आवाजाही के लिए छोड़ा जाएगा। तय समय और अल्टीमेटम के बाद मेन गेट को भी बंद कर नगर निगम पूरा कब्जा खुद ले लेगा। इसके बाद यहां पर यहां पर अपने सुरक्षा कर्मियों को तैनात करेगा। सहारा मामले को लेकर नगर निगम पूरे एक्शन मोड में है। इस दौरान विशेष सावधानी भी नगर निगम की टीम की तरफ से बरती जा रही।

नगर निगम की तरफ से 170 एकड़ जमीन खाली करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट डाली जाएगी। ताकि संबंधित मामले में अगर सहारा समूह कोर्ट में जाए तो पहले नगर निगम का पक्ष सुना जाए। नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है कि नियम और शर्तों का उल्लंघन करने पर नगर निगम कार्रवाई कर रहा। 1994 में लाइसेंस डीड के जरिए सहारा ने यह जमीन हासिल की थी। यहां पर आवासीय परियोजना विकसित करने के साथ में अन्य योजनाएं शामिल थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट नहीं बने। सहारा समूह को लखनऊ में 170 एकड़ जमीन नगर निगम की तरफ से मुलायम सिंह यादव की सरकार में 1994-1995 में आवंटित की गई थी।

नगर निगम की तरफ से 130 एकड़ जमीन लाइसेंस डीड के तहत दी गई थी। इसमें आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं बनानी थी, लेकिन सारा समूह की तरफ से नियम और शर्तों का उल्लंघन किया गया। इसमें सफेद संगमरमर का घर खड़ा किया गया। गोल्ड क्लास-योग्य रिक्लाइनिंग सीटों वाला एक मॉडर्न थिएटर, 5,000 लोगों की क्षमता वाला एक सभागार और परिसर छोड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए हवाई अड्डे के जैसे स्कैनर हैं।

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