उत्तर प्रदेश

Lucknow: सफाईकर्मी ने नौकरी से निकाले जाने पर उठाया खौफनाक कदम

Admindelhi1
17 July 2025 12:01 PM IST
Lucknow: सफाईकर्मी ने नौकरी से निकाले जाने पर उठाया खौफनाक कदम
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परेशान सफाईकर्मी ने तेज़ाब पिया

लखनऊ: जलकल सुवेज इंडिया कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारी ने बिना कारण के नौकरी से निकाले जाने से परेशान होकर एसिड पी लिया। गंभीर हालात में उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना से नाराज परिवारजनों ने कंपनी के खिलाफ महानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। घटना के बाद से अन्य कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। जानकारी के मुताबिक़ दिलीप वाल्मीकि करीब 7 साल से कंपनी में काम कर रहे थे। उन्हें बिना कारण बताए कंपनी ने 15 दिन पहले निकाल दिया। तभी से वो नौकरी में फिर से रखने के लिए कंपनी के अधिकारियों का चक्कर काट रहे थे। सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार दोपहर 12 बजे महानगर पानी टंकी के पास एसिड पी लिया। पहले उन्हें महानगर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। देर रात ट्रॉमा सेंटर से भी प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।

उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। उत्तर प्रदेश जल कर विभाग समन्वय समिति के उप संयोजक संदीप अवस्थी ने बताया कि मुझे सुबह घटना की जानकारी हुई। कर्मचारी अभी निजी अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सुवेज इंडिया कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह काम कर रही है। कर्मचारी प्रताड़ित किए जा रहे हैं। कंपनी बिना बताए कारण बताए अक्सर कर्मचारियों को हटा देती है। जब से कंपनी आई है तब से सीवर का काम बदतर हालात में चला गया है। समस्त पार्षद दुखी हैं, जनता दुखी है। कंपनी अपनी हिटलर शाही के दम पर कर्मचारियों का दमन कर रही है। इम्प्लाई यूनियन के महामंत्री रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कंपनी से प्रताड़ित होकर दिलीप ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। जब तक कर्मचारी का इलाज चल रहा है, तब तक उसके घरवालों को हर महीने का वेतन देना चाहिए। कर्मचारी स्वस्थ हो जाने के बाद नौकरी में वापस लेना चाहिए। पहले भी कई कर्मचारी ऐसा कर चुके हैं। कंपनी कर्मचारियों की आवाज को दबाने का काम कर रही है। कंपनी के दबाव में एफआईआर तक दर्ज नहीं होती है। कंपनी के लोगों से मिलकर कई बार विनती की गई अगर कर्मचारी से कोई गलती है तो उसको ट्रांसफर कर दीजिए ना कि उसकी नौकरी से निकाल कर उसके पेट पर लात मारिए।

कर्मचारी शहर की सफाई का जिम्मा संभालते हैं। इनके कारण ही शहर स्वच्छ रहता है। दिलीप अलीगंज के पुरनिया इलाके में रहते हैं। परिवार में पत्नी रिंकी वाल्मीकि, एक बेटा, एक बेटी और एक बहन है। वह घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। नौकरी जाने से परिवार पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। परिजन का आरोप है कि कंपनी ने मनमाने ढंग से नौकरी से निकाल दिया। बार-बार कंपनी के चक्कर लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी मानसिक तनाव में आकर दिलीप ने यह कदम उठाया। परिवार अब महानगर थाने में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज के लिए तहरीर दी है। सुएज संचालन प्रबंधक धर्मेंद्र भारती ने बताया कि मेसर्स प्रोफेशनल एचआर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कार्यरत दिलीप वाल्मीकि को 23 दिसंबर 2022, 21 फरवरी 2024 तथा 24 मार्च 2025 को कार्य में लगातार लापरवाही बरतने के आरोप में चेतावनी पत्र जारी किए गए थे। स्थानीय पार्षद द्वारा भी कर्मचारी के खिलाफ जनमानस के प्रति कार्य और आचरण ठीक न होने की शिकायत की गई थी। उन्होंने बताया कि एजेंसी द्वारा जारी इन चेतावनियों के बावजूद उनके आचरण एवं कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया। इसके चलते 19 जून 2025 को दिलीप सहित कुल छह कर्मियों की सेवाएं अनुशासनहीनता और असंतोषजनक कार्य निष्पादन के आधार पर समाप्त कर दी गईं। एजेंसी ने यह निर्णय कार्यस्थल पर अनुशासन, सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है।

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