उत्तर प्रदेश

Lucknow: प्रीपेड मीटर लागू, उपभोक्ताओं की आदतें बदलीं

Admindelhi1
23 Dec 2025 3:08 PM IST
Lucknow: प्रीपेड मीटर लागू, उपभोक्ताओं की आदतें बदलीं
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं को बिना स्पष्ट जानकारी दिए बड़े पैमाने पर पोस्टपेड कनेक्शन से प्रीपेड में तब्दील कर दिया गया है। इंटेली कंपनी द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटरों के माध्यम से शहर के करीब 1.29 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रीपेड कर दिए गए, जिससे उपभोक्ता पिछले दो से तीन महीने से बिजली बिल का इंतजार करते रहे। अब उन्हें यह जानकारी मिल रही है कि उनके घर या दुकान पर मीटर रीडर कभी आएगा ही नहीं और बिजली उपयोग के लिए पहले मीटर रिचार्ज कराना अनिवार्य है।

पिछले चार महीनों से राजधानी में उपभोक्ताओं के कनेक्शन को प्रीपेड करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इस दौरान अधिकांश उपभोक्ताओं को यह नहीं बताया गया कि अब बिल जनरेट नहीं होगा। इसी भ्रम की वजह से बीते तीन महीनों में 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने मीटर रीडर के न आने और बिजली बिल न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के मोबाइल पर प्रीपेड किए जाने का संदेश भेजा गया था, लेकिन संदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अब उन्हें बिल नहीं, बल्कि रिचार्ज कराकर बिजली का उपयोग करना होगा।

नियमों के अनुसार प्रीपेड उपभोक्ता के खाते में बैलेंस खत्म होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जानी चाहिए थी, लेकिन राजधानी में हाल ही में लागू हुई वर्टिकल व्यवस्था के चलते इस पर सख्ती नहीं हो सकी। इसी कारण शून्य बैलेंस होने के बावजूद किसी भी उपभोक्ता की बिजली नहीं काटी गई।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ता यूपीपीसीएल कन्ज्यूमर एप या यूपीपीसीएल स्मार्ट एप डाउनलोड कर अपना बिजली उपभोग देख सकते हैं। पोस्टपेड उपभोक्ता जहां बिल जनरेट और डाउनलोड कर सकते हैं, वहीं प्रीपेड उपभोक्ता रिचार्ज के साथ बैलेंस और बिल हिस्ट्री की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि ऑन स्पॉट बिलिंग बंद होने से विभाग को प्रतिमाह करीब 20 लाख रुपये की बचत हो रही है। पहले एक बिल बनाने में लगभग 13 रुपये और भुगतान प्रक्रिया में 20 रुपये तक का खर्च आता था। इसके साथ ही फर्जी रीडिंग और सांठगांठ से बिलिंग में होने वाली गड़बड़ियों पर भी रोक लगी है।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रीपेड हो चुके हैं, उनके यहां अब मीटर रीडर नहीं जाएगा। उपभोक्ता जितना रिचार्ज करेंगे, उतनी ही बिजली उपयोग कर सकेंगे और मोबाइल पर बिजली खर्च से जुड़ी जानकारी भी भेजी जा रही है।

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