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Lucknow: पुलिस ने हत्या करने वाले ऑटो ड्राइवर का एनकाउंटर किया

लखनऊः बनारस से लखनऊ आई महिला की मंगलवार की देर रात बस अड्डे से ई-ऑटो सवार ने किडनैप कर हत्या करने वाले ड्राइवर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है. मलिहाबाद देवल रेस्टोरेंट के पास हत्या और रेप का प्रयास करने के आरोपी ऑटो ड्राइवर अजय द्विवेदी और पुलिस के बीच में मुठभेड़ हुई.
जिसमें पुलिस की गोली लगने से अजय की मौत हो गई. मलिहाबाद में जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी दुबग्गा निवासी ऑटो ड्राइवर अजय द्विवेदी पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. आज ही इस हत्याकांड में शामिल अजय के भाई दिनेश कुमार को पुलिस गिरफ्तार किया था.
बता दें कि मंगलवार यानी 18 मार्च की रात को महिला बनारस से लखनऊ रोडवेज बस द्वारा आलमबाग बस स्टाप पर उतरकर अपने भाई के घर चिनहट क्षेत्र के लिए एक ऑटो (टैक्सी) बुक किया था. ऑटो ड्राइवर में रस्ते में तीन और लोगों को बिठाया. चालक ने चिनहट के रास्ते न जाकर दूसरे रास्ते से टैक्सी लेकर चलने लगा. काफी दूर निकल जाने पर महिला ने कई बार ड्राइवर से पूछा कहा लेकर जा रहे हो तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसने अपने भाई को अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर अपने साथ अनहोनी की आशंका जताई थी.
मामला संदिग्ध होते देख महिला के अयोध्या के पूरा कलंदर थाना क्षेत्र निवासी भाई ने तुरंत डायल 112 पर सूचना देकर बहन द्वारा भेजी गई लोकेशन भी पुलिस को दी थी. पुलिस को बताया था कि उसकी बहन को एक टैक्सी ड्राइवर लेकर जा रहा है. बहन ने उस जगह की लोकेशन भेजी है, मामला संदिग्ध लग रहा है. सूचना पाकर रात करीब तीन बजे मलिहाबाद पुलिस लोकेशन के आधार पर मोहम्मद नगर तालुकेदारी ग्राम पंचायत के बंडा खेड़ा गांव के निकट साधन सहकारी समिति के सामने आम के बाग में पहुंची. जहां पर महिला आपत्तिजनक हालत में पड़ी मिली, पुलिस ने तत्काल महिला को ट्रामा सेंटर भेज दिया. जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था.
शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला को आलमबाग से ई-रिक्शा से लाकर मलिहाबाद के वाजिदनगर नगर में आम के बाग में अजय ने भाई दिनेश के साथ गला घोंटकर मौत के घाट उतारा था. दो दिनों की कड़ी मशक्कत कब बाद पुलिस को कामयाबी मिली है.
मलिहाबाद पुलिस की लापरवाही पर वरिष्ठ अधिकारी पर्दा डालने में जुटे: अयोध्या की महिला से दुष्कर्म के बाद हत्या में मलिहाबाद पुलिस की लापरवाही पर वरिष्ठ अधिकारी पर्दा डालने में जुटे हैं। इस बात की पुष्टि इस घटना से होती है, बताया जा रहा है कि ऑटो पर सवार महिला अंधे की चौकी के बाद फोन पर भाई के साथ 14 मिनट तक बात करती रही। भाई ने पुलिस को सूचना पहले ही दी थी। इसके बाद भी मलिहाबाद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखायी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी अजय कुमार द्विवेदी ने महिला को आलमबाग बस अड्डे से चिनहट जाने के लिए अपने ई-ऑटो में बैठाया था। गलत रूट पर जाने पर महिला के टोकने पर चालक ने मेट्रो कार्य होने की बात कहते हुए ई-आटो को दुबग्गा की तरफ मोड़ दिया। महिला को शक हुआ तो उसने भाभी को मैसेज और फोन किया। भाई को बताया तो ऑटो चालक ने उन्हें भी वहीं तर्क दिया था। भाई ने लोकेशन मलिहाबाद रूट की मिली।
भाई ने बिना देर किए पुलिस को सूचना देते लोकेशन भेजी, फिर भी मलिहाबाद पुलिस सक्रिय नहीं हुई। यही नहीं सूचना मिलने के बाद महिला 14 मिनट तक मोबाइल पर भाई से बात कर रही थी। इसके बाद भी रास्ते में पुलिस की कोई भी गश्त या मोबाइल (गाड़ी) नहीं दिखी। भाई का कहना है कि अगर पुलिस ने जरा सी सक्रियता दिखायी होती तो बहन की जान न जाती।





