उत्तर प्रदेश

लखनऊ हत्याकांड: राजस्थान में मिला वांछित आरोपी

Saba Naaz
16 July 2026 7:06 PM IST
लखनऊ हत्याकांड: राजस्थान में मिला वांछित आरोपी
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लखनऊ: सरोजनीनगर क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुए टैक्सी चालक हत्याकांड के मामले में सात साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहा था और छोटे-मोटे काम कर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।

एसटीएफ की टीम ने आरोपी को राजस्थान के डीडवाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोनू यादव मूल रूप से बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र के धरहरा डेरा हनुमानगंज का रहने वाला है। उसके खिलाफ लखनऊ के सरोजनीनगर थाने में हत्या, अपहरण, लूट और साजिश रचने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने के बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ लगातार उसकी तलाश कर रही थी और आखिरकार सात साल बाद उसे पकड़ने में सफलता मिली।

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मोनू यादव राजस्थान के डीडवाना स्थित सत्या इंडस्ट्रीज खंडेलवाल स्वीट्स में काम कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद एसटीएफ फील्ड इकाई कानपुर की टीम सक्रिय हुई और बुधवार दोपहर वहां छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने वर्ष 2019 की घटना को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। पुलिस के मुताबिक, मोनू यादव ने अपने साथियों मिथिलेश पांडेय, छोटू सिंह और मोहन यादव के साथ मिलकर 14 जुलाई 2019 की रात वारदात को अंजाम दिया था।

आरोपियों ने एयरपोर्ट जाने के बहाने एक टैक्सी बुक की थी। टैक्सी चालक शुभम पांडेय, जो गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र का रहने वाला था, उन्हें लेकर निकला था। पुलिस के अनुसार, रास्ते में आरोपियों ने टैक्सी लूटने की योजना बनाई और चालक की हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को नहर में फेंक दिया था और टैक्सी लेकर वाराणसी की ओर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन मोनू यादव लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।

जांच में सामने आया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। उसने कई राज्यों में रहकर काम किया और अपनी पहचान छिपाकर जीवन गुजार रहा था। हालांकि, एसटीएफ की निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से आखिरकार उसका पता लगा लिया गया।

पुलिस अब आरोपी से उसके फरार रहने के दौरान की गतिविधियों और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या उसने किसी अन्य अपराध में भी भूमिका निभाई है।

लखनऊ के इस चर्चित टैक्सी चालक हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही अन्य वांछित अपराधियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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