उत्तर प्रदेश

Lucknow: आगरा की मोर्वी तिवारी का कमाल, UPSC में टॉप 100 में जगह

Admindelhi1
7 March 2026 8:52 PM IST
Lucknow: आगरा की मोर्वी तिवारी का कमाल, UPSC में टॉप 100 में जगह
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लखनऊ: आगरा की होनहार बेटी मोर्वी तिवारी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी ) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 90वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

मोर्वी तिवारी के पिता सुदेश तिवारी परिवहन विभाग में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में लखनऊ मुख्यालय में तैनात हैं। उनकी माँ श्रीमती रेनू तिवारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस ) की अधिकारी हैं और इस समय उत्तर प्रदेश शासन में विशेष सचिव के पद पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

सुदेश तिवारी अपने पूरे सेवाकाल में अनुशासन, साहस और ईमानदारी के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने हमेशा अपराध, भ्रष्टाचार और गुंडाराज के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी। एआरटीओ के रूप में उनका फर्रुखाबाद में कार्यकाल विशेष रूप से यादगार माना जाता है, जहां उन्होंने परिवहन विभाग में अवैध गतिविधियों और दबंगई पर सख्त कार्रवाई की। उस दौरान कई प्रभावशाली लोगों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर उन्होंने प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण पेश किया और राजस्व वसूली में भी कभी दबाव या डर के आगे झुके नहीं।

वहीं मोर्वी की माता रेनू तिवारी को भी एक कर्मठ और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने पूरे प्रशासनिक जीवन में कभी पद की लालसा नहीं की, बल्कि शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाती हैं ।

ऐसे अनुशासित और सेवा भाव वाले परिवार में पली-बढ़ी मोर्वी तिवारी ने भी मेहनत और समर्पण को अपना आधार बनाया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट मैरी स्कूल, आगरा से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई डीपीएस, आगरा से पूरी की। छात्र जीवन से ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।

लगन, अनुशासन और परिवार के मार्गदर्शन के बल पर मोर्वी तिवारी ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी में शानदार सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि से परिवार, मित्रों और परिचितों में खुशी की लहर है।

मोर्वी तिवारी की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह संदेश देती है कि ईमानदारी, अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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