उत्तर प्रदेश

Lucknow: प्रशासन में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारी इधर-उधर

Admindelhi1
20 April 2026 12:13 PM IST
Lucknow: प्रशासन में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारी इधर-उधर
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लखनऊ: प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए सरकार ने एक साथ 40 शीर्ष अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस कदम ने जिलों से लेकर शासन स्तर तक पूरी व्यवस्था को झकझोर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, यह फैसला केवल सामान्य प्रक्रिया नहीं बल्कि शासन की सख्त कार्यशैली और प्रदर्शन आधारित समीक्षा का हिस्सा माना जा रहा है। जिन जिलों में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर शिकायतें थीं, वहां बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है।

जिलों में नई जिम्मेदारियां

झाँसी में गौरांग राठी को जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि सुल्तानपुर में इंद्रजीत सिंह को नई जिम्मेदारी मिली है।

बुलंदशहर में कुमार हर्ष, श्रावस्ती में अन्नपूर्णा गर्ग और शामली में आलोक यादव को जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

सहारनपुर में अरविन्द कुमार चौहान, अमरोहा में नितिन गौड़, हमीरपुर में अभिषेक गोयल और रायबरेली में सरनीत कौर ब्रोका को जिलाधिकारी बनाया गया है।

फतेहपुर में निधि गुप्ता वत्स, उन्नाव में घनश्याम मीना, लखीमपुर खीरी में अंजमी कुमार सिंह और मैनपुरी में इंद्रमणि त्रिपाठी को कमान सौंपी गई है।

औरैया में बृजेश कुमार तथा आगरा में मनीष बंसल को जिलाधिकारी बनाया गया है।

शासन स्तर पर बड़ा बदलाव

अरविंद मलप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। नितीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त तथा किंजल सिंह को माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। चर्चित अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया है।

शशि भूषण लाल सुशील को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग का प्रमुख सचिव तथा आलोक कुमार को अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। ऊर्जा, पर्यटन, अल्पसंख्यक कल्याण, बाल विकास, कृषि और खाद्य विभागों में भी व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है।

विकास तंत्र में भी हलचल

कई जिलों में मुख्य विकास अधिकारियों की तैनाती बदली गई है। हापुड़, बदायूं, बहराइच, अमेठी और झांसी में नए मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिससे विकास योजनाओं को गति देने की कोशिश साफ नजर आ रही है।

यूथ इंडिया की पड़ताल

यह तबादला साफ संकेत देता है कि शासन अब “काम नहीं तो कुर्सी नहीं” की नीति पर आगे बढ़ रहा है। जिन जिलों में शिकायतें और ढिलाई सामने आई, वहां अधिकारियों को तुरंत बदला गया।

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