उत्तर प्रदेश

Lucknow : अग्निकांड में बड़ा एक्शन, 4 अधिकारी सस्पेंड, 4 गिरफ्तार जांच में तेज़ी

Kavita2
23 Jun 2026 10:27 AM IST
Lucknow : अग्निकांड में बड़ा एक्शन, 4 अधिकारी सस्पेंड, 4 गिरफ्तार जांच में तेज़ी
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: लखनऊ में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी, के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन लिया है। घटना के बाद जांच तेज कर दी गई है और कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधिकारियों में गौरव कुमार (बिजली विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर - कलेक्शन), कमलेन्द्र कुमार सिंह (FSSO, फायर डिपार्टमेंट, इंदिरा नगर), अनिल कुमार (सहायक अभियंता, LDA) और प्रमोद कुमार (जूनियर इंजीनियर, LDA) शामिल हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों पर प्रारंभिक जांच के आधार पर लापरवाही और कार्य में गंभीर चूक के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घटना के कारणों की पूरी जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

इस बीच पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोग उस इमारत के संयुक्त मालिक हैं, जहां यह दर्दनाक हादसा हुआ था। प्रारंभिक जांच में इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

पुलिस ने बताया कि अलीगंज थाना क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। FIR में छह नामजद लोगों के साथ-साथ अन्य अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।

घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। कई इमारतों के फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग बाहर निकलने का मौका ही नहीं पा सके। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

सरकारी स्तर पर यह भी जांच की जा रही है कि इमारत में फायर सेफ्टी नियमों का पालन किया गया था या नहीं और किन कारणों से सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया है।

फिलहाल जांच एजेंसियां सभी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच कर रही हैं। आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी शामिल किया गया है।

इस घटना ने शहर में बिल्डिंग सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में फायर सेफ्टी नियमों को लेकर सख्ती और बढ़ाई जाएगी।

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