उत्तर प्रदेश

Lucknow: इंटरसेप्टर वाहनों से चालान और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित

Admindelhi1
16 Jan 2026 3:09 PM IST
Lucknow: इंटरसेप्टर वाहनों से चालान और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित
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लखनऊ: लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। ओवरस्पीडिंग से होने वाले हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शहर में पांच नए हाई-टेक इंटरसेप्टर वाहन तैनात किए गए हैं। ये इंटरसेप्टर प्रमुख सड़कों और दुर्घटना संभावित इलाकों में निगरानी करेंगे और तय गति सीमा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई करेंगे।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ओवरस्पीडिंग करते पाए जाने पर वाहन चालक पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसका ड्राइविंग लाइसेंस एक साल के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम के तहत की जाएगी। विभाग का मानना है कि सख्त दंडात्मक प्रावधानों से लोग नियमों का पालन करने को मजबूर होंगे और सड़क हादसों में कमी आएगी।

आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में लखनऊ में हुई सड़क दुर्घटनाओं में से करीब 49 प्रतिशत हादसे केवल तेज रफ्तार के कारण हुए। इन दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इन्हीं चिंताजनक आंकड़ों के बाद परिवहन विभाग ने इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है।

नए इंटरसेप्टर वाहन अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। इनमें स्पीड गन, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम न केवल वाहन की रफ्तार को रिकॉर्ड करेगा, बल्कि वाहन की नंबर प्लेट और चालक की तस्वीर भी कैप्चर करेगा। इससे नियम तोड़ने वालों की पहचान में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी और जुर्माने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी।

परिवहन विभाग का कहना है कि इन इंटरसेप्टर वाहनों को सुबह से देर रात तक सक्रिय रखा जाएगा और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाएगी। खासतौर पर हाईवे, फ्लाईओवर, रिंग रोड और व्यस्त मार्गों पर इनकी तैनाती की जाएगी, जहां ओवरस्पीडिंग की घटनाएं अधिक सामने आती हैं।

अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे तय गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों को गंभीरता से लें। विभाग का मानना है कि इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती से न सिर्फ ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगेगी, बल्कि लखनऊ की सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाने में भी मदद मिलेगी।

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