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Lucknow: कोडीन सिरप की अवैध सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस गिरोह के संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले शुभम जायसवाल पर कुल 75 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। कमिश्नरेट पुलिस और सोनभद्र पुलिस द्वारा घोषित इनाम के बाद गाजियाबाद पुलिस भी इनाम की राशि बढ़ाने की तैयारी कर रही है। शुभम जायसवाल के खिलाफ गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में मामला दर्ज है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इसी कड़ी में वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने कफ सिरप की अवैध सप्लाई से जुड़े दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। शिल्पी फार्मा के संचालक प्रतीक कुमार और लोकेश फार्मा के प्रोपराइटर धर्मेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी-अपनी फर्मों के माध्यम से करीब 5.27 करोड़ रुपये मूल्य की कफ सिरप की बिक्री दिखाई। पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि कागजों में दिखाई गई खरीद-बिक्री वास्तव में फर्जी थी और यह सब शुभम जायसवाल के निर्देश पर किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
जांच में सामने आया है कि रांची से कफ सिरप की खरीद केवल कागजों तक सीमित थी, जबकि वास्तविक खेप वाराणसी न आकर सीधे बांग्लादेश भेज दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय तस्करी में कफ सिरप को कई गुना अधिक दामों पर खपाया जाता था। आरोपियों ने यह भी माना कि उन्होंने कूटरचित जीएसटी इनवॉयस और ई-वे बिल का इस्तेमाल कर लेन-देन को वैध दिखाने की कोशिश की।
एटा जिले में भी इसी मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी राजू उर्फ रजनेश को अलीगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह उस लोडर वाहन का चालक था, जिससे कोडीन युक्त सिरप की खेप लाई गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि अधिक भाड़े के लालच में उसने स्पेयर पार्ट्स के साथ सिरप लोड कर परिवहन किया था। पुलिस पहले ही इस प्रकरण में चार अन्य आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
उधर, प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। आजमगढ़ मंडल की पांच मेडिकल फर्मों के ड्रग लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इन फर्मों पर रांची से बड़ी मात्रा में कफ सिरप खरीदने और उसके उपयोग का सही रिकॉर्ड न देने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान करीब चार लाख शीशियों की आपूर्ति इन फर्मों को की गई थी। एक अन्य मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस दवाओं का हिसाब न देने के कारण निलंबित किया गया है।
गाजियाबाद में भी क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने बड़ी सफलता हासिल की है। मेरठ रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट से पकड़ी गई करोड़ों की कफ सिरप की खेप के मामले में डीपी इंटरप्राइजेज के मालिक दीप प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पाया गया कि उसकी फर्म के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की गई। अन्य फर्मों के जरिए बोगस आपूर्ति दर्शाकर मोटा कमीशन कमाया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और आगे की जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। तस्करी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





