उत्तर प्रदेश

Lucknow: ड्यूटी के बीच होमगार्ड ने उठाया खौफनाक कदम

Admindelhi1
3 Oct 2025 2:49 PM IST
Lucknow: ड्यूटी के बीच होमगार्ड ने उठाया खौफनाक कदम
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"एयरपोर्ट पर तैनात होमगार्ड ने की खुदकुशी"

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बुधवार देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के सुरक्षा उपकरणों की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड विक्रम सिंह (इटावा निवासी) ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली।

घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह उन्हें रिलीव करने पहुंचे साथी होमगार्ड ने काफी देर तक आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो विक्रम सिंह मृत अवस्था में पड़े थे।

घटना का पूरा क्रम

होमगार्ड विभाग की ड्यूटी शेड्यूल के अनुसार, बुधवार शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक होमगार्ड पवन गोस्वामी की ड्यूटी थी। रात 12 बजे पवन गोस्वामी को रिलीव करने के लिए विक्रम सिंह मौके पर पहुँचे।

विक्रम सिंह ने अपनी ड्यूटी संभाल ली। लेकिन जब गुरुवार सुबह करीब 8 बजे धर्मपाल नाम के होमगार्ड उन्हें रिलीव करने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि गेट अंदर से बंद है।

धर्मपाल ने कई बार आवाज लगाई लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। संदेह गहराने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दरवाजा तोड़ा और अंदर का दृश्य देखकर हैरान रह गई। विक्रम सिंह मृत पड़े थे।

मृतक का परिचय

पुलिस के अनुसार मृतक होमगार्ड का नाम विक्रम सिंह है। वह मूल रूप से इटावा जनपद के मुल्तान क्षेत्र के रहने वाले थे। कई वर्षों से वह अपने परिवार के साथ लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित गरु इलाके में रह रहे थे।

उनकी नियुक्ति होमगार्ड विभाग में लंबे समय पहले हुई थी और वर्तमान में उनकी तैनाती चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर थी।

होमगार्ड विभाग की जानकारी

होमगार्ड कमांडेंट अमरेश सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी में होमगार्ड विभाग से कुल 10 जवान लगाए गए हैं। ये सभी जवान एयर ट्रैफिक कंट्रोल के सुरक्षा उपकरणों की निगरानी और सुरक्षा में लगे रहते हैं।

इसके लिए तीन शिफ्ट बनाई गई हैं – हर शिफ्ट 8-8 घंटे की होती है और हर शिफ्ट में 3 जवान ड्यूटी करते हैं। बुधवार रात ड्यूटी के दौरान विक्रम सिंह की मौत की खबर पूरे विभाग के लिए चौंकाने वाली रही।

पुलिस की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने मृतक के परिवार को सूचित कर दिया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

विक्रम सिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का कहना है कि विक्रम सिंह सामान्य दिनों में खुशमिजाज रहते थे। उन्होंने कभी ऐसा कदम उठाने की कोई झलक नहीं दिखाई।

परिजनों को यकीन नहीं हो रहा कि विक्रम सिंह ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम क्यों उठाया। उनका कहना है कि यह मामला गहराई से जांच का विषय है।

संभावित कारण

हालांकि अभी तक आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विक्रम सिंह पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे।

हो सकता है कि वह पारिवारिक तनाव से गुजर रहे हों।

या फिर ड्यूटी और निजी जीवन से जुड़े किसी दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया हो।

पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियाँ थीं जिनकी वजह से विक्रम सिंह ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी।

सुरक्षा पर उठे सवाल

एयरपोर्ट जैसी हाई सिक्योरिटी जगह पर ड्यूटी के दौरान आत्महत्या की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या विभागीय स्तर पर जवानों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है?

क्या होमगार्ड्स को समय-समय पर काउंसलिंग और सपोर्ट मिलता है?

और सबसे अहम सवाल, कि ड्यूटी के दौरान ऐसे कदम उठाने की नौबत क्यों आती है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि सुरक्षा बलों और ड्यूटी पर तैनात जवानों के मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी एक बड़ी समस्या है। लंबे समय तक ड्यूटी और व्यक्तिगत दबाव उन्हें मानसिक रूप से थका सकता है।

साथियों की प्रतिक्रिया

विक्रम सिंह के साथी जवान धर्मपाल, जिन्होंने सुबह उन्हें रिलीव करने के लिए पहुंचकर सबसे पहले घटना की जानकारी पाई, गहरे सदमे में हैं। उन्होंने कहा:

“मैंने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। जब दरवाजा तोड़ा गया तो मैं यह देखकर हिल गया कि विक्रम भाई अब इस दुनिया में नहीं रहे।”

अन्य होमगार्ड्स भी गमगीन हैं और इसे विभाग के लिए एक बड़ी क्षति बता रहे हैं।

आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट बताती है कि सुरक्षा बलों और अर्धसैनिक बलों में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। कई बार जवान लंबे समय तक घर से दूर रहते हैं, कड़ी ड्यूटी करते हैं और निजी समस्याओं को खुलकर साझा नहीं कर पाते।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए विभागों को समय-समय पर मेंटल हेल्थ काउंसलिंग, तनाव प्रबंधन और पारिवारिक सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना होगा।

प्रशासन के सामने चुनौती

विक्रम सिंह की आत्महत्या की घटना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे विभाग के लिए एक चेतावनी है। एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर तैनात जवानों को तनावमुक्त रखना और उनकी मानसिक स्थिति पर ध्यान देना अब प्रशासन के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।

निष्कर्ष

लखनऊ एयरपोर्ट पर तैनात होमगार्ड विक्रम सिंह की आत्महत्या ने सबको झकझोर दिया है। एक तरफ जहां यह घटना उनके परिवार को अपूरणीय क्षति दे गई है, वहीं दूसरी ओर यह सुरक्षा व्यवस्था और जवानों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पुलिस की जांच से भले ही आत्महत्या की वजह सामने आ जाए, लेकिन असली समाधान तभी संभव है जब होमगार्ड्स और सुरक्षा कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ठोस कदम उठाए जाएँ।

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