उत्तर प्रदेश

Lucknow: पीएम श्री स्कूलों में खेल गतिविधियों के लिए मैदान तैयार

Admindelhi1
30 Dec 2025 1:59 PM IST
Lucknow: पीएम श्री स्कूलों में खेल गतिविधियों के लिए मैदान तैयार
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लखनऊ: पीएम श्री परिषदीय कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब खेल और शारीरिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने जा रही हैं। भारत सरकार ने प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 61 जिलों के 532 पीएम श्री परिषदीय कंपोजिट विद्यालयों में खेल संबंधी सुविधाएं विकसित करने के लिए 15.57 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है।

इस योजना के तहत चयनित विद्यालयों में खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, साथ ही ओपन जिम और झूले भी लगाए जाएंगे, ताकि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिल सके। कार्य को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 391 विद्यालयों को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे चरण में 141 विद्यालयों में कार्य कराया जाएगा।

राज्य परियोजना निदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने इस संबंध में सभी संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों के अनुसार प्रथम चरण में चयनित विद्यालयों में प्रति खेल मैदान 2.65 लाख रुपये और दूसरे चरण में शामिल विद्यालयों में प्रति खेल मैदान 3.70 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी कार्यों को 15 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

योजना के अंतर्गत आगरा, अलीगढ़, अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, बागपत, बलिया, बांदा, बरेली, बस्ती, बहराइच, भदोही, बिजनौर, चित्रकूट, देवरिया, एटा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, जालौन, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मीरजापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संभल, शाहजहांपुर, शामली, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुलतानपुर, उन्नाव और वाराणसी के विद्यालय शामिल हैं।

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि खेल मैदान विद्यालय परिसर के भीतर ही विकसित किया जाएगा और इसके लिए बाहरी भूमि का चयन नहीं किया जाएगा। दीर्घकालिक उपयोग, सुरक्षा और बेहतर खेल गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए समतल भूमि का चयन किया जाएगा। यदि एक स्थान पर पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होगी तो कंक्रीट बैडमिंटन कोर्ट, ओपन जिम और अन्य खेल गतिविधियों के लिए विद्यालय परिसर में दो अलग-अलग स्थानों पर सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

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