उत्तर प्रदेश

Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण की जमीनों पर फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह गिरफ्तार

Admindelhi1
28 March 2025 11:56 AM IST
Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण की जमीनों पर फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह गिरफ्तार
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"सरगना समेत छह सदस्य गिरफतर"

लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की कीमती जमीनों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सौ से अधिक भूखंड बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश एसटीएफ ने गुरुवार देर रात कर दिया। एसटीएफ ने गिरोह के सरगना समेत छह सदस्यों को दयाल पैराडाइज के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ और छानबीन में खुलासा हुआ कि गिरोह ने अब तक सौ से अधिक भूखंडों का सौदा कर दिया है।

एलडीए कर्मचारियों से मिलीभगत, फर्जी आधार से करते थे रजिस्ट्री

एसटीएफ के मुताबिक यह गिरोह एलडीए के कर्मचारियों से साठगांठ कर खाली पड़ी जमीनों की जानकारी जुटाता और फिर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने ही करीबियों के नाम पर रजिस्ट्री करवा देता। इस तरीके से गिरोह ने कई वर्षों में दर्जनों भूखंडों की खरीद-फरोख्त कर ली। टीम को आरोपियों के पास से 23 भूखंडों के रजिस्ट्री पेपर, दो बैंक पासबुक, छह चेकबुक, चार चेक, नौ मोबाइल, एक क्रेटा और एक इनोवा कार, एक सीपीयू, एक मॉनिटर और 12,710 रुपये नकद बरामद हुए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना सचिन सिंह उर्फ अमर सिंह राठौर (निवासी सुशांत गोल्फ सिटी), अचलेश्वर गुप्ता उर्फ बबलू गुप्ता (गोमतीनगर), राम बहादुर सिंह (देव रेजीडेंस कॉलोनी, मल्हौर), मुकेश मौर्या उर्फ रंगी (विनयखंड), राहुल सिंह (विरामखंड) और धनंजय सिंह (विपुलखंड) शामिल हैं।

मध्यप्रदेश निवासी की शिकायत पर खुला मामला

डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गिरोह का भंडाफोड़ मध्यप्रदेश के होशंगाबाद रोड निवासी सर्वेश कुमार गौतम की शिकायत पर हुआ। उसने गोमतीनगर थाने में 21 जनवरी को मामला दर्ज कराया था। जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका सामने आई और फिर एसटीएफ ने दबिश देकर सभी को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जीवाड़े का पूरा सिस्टम तैयार

पूछताछ में गिरोह के सदस्य अचलेश्वर गुप्ता ने बताया कि वे कई वर्षों से इस फर्जीवाड़े में सक्रिय हैं। पहले एलडीए के बाबुओं से मिलकर खाली भूखंडों की जानकारी लेते, फिर राम बहादुर सिंह भूखंडों के फर्जी कागजात तैयार करता। मुकेश मौर्या फर्जी आधार और अन्य दस्तावेज बनाता, जबकि राहुल सिंह गवाह की भूमिका निभाता। सभी को उनके काम के हिसाब से भुगतान किया जाता था।

पूछताछ में आरोपियों ने 80 से अधिक भूखंड बेचने की बात स्वीकार कर ली है। साथ ही करीब 45 अन्य भूखंडों के दस्तावेजों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। डिप्टी एसपी ने बताया कि गिरोह में शामिल एलडीए के कर्मचारियों और अन्य बड़े नामों की तलाश जारी है, जल्द ही इस मामले में और खुलासे होंगे।

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