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Lucknow: सरोजनीनगर में आग ने मचाई तबाही, 87 झोपड़ियां जलने के बाद धमाके

लखनऊ: सरोजनीनगर क्षेत्र की कनौसी रेलवे फाटक के पास मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई, जिसने झुग्गी-झोपड़ियों में तबाही मचा दी। आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटें दो किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रही थीं। देखते ही देखते करीब 87 झोपड़ियां धधक उठीं और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सिलेंडर और बाइकों के पेट्रोल टैंक फटने से जोरदार धमाके हुए, जिससे पूरा क्षेत्र दहल उठा।
आग की शुरुआत रात लगभग 2:45 बजे एक बिजली के पोल में शॉर्ट सर्किट से हुई। गर्मी और सूखे मौसम में आग ने झुग्गियों को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 12 से अधिक गाड़ियों ने छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, लेकिन तब तक पूरी बस्ती राख हो चुकी थी।
सुबह तक सुलगती रही झोपड़ियां
एसएफओ मंगेश कुमार ने बताया कि झोपड़ियों में आग सुबह तक सुलगती रही, जिसे बुझाने के लिए बार-बार पानी की बौछार की गई। इस हादसे में 200 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जो अब बेघर हो गए हैं।
रेलवे जमीन पर बनी थीं झुग्गियां
आग रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी रामबाबू की जमीन पर बनी झुग्गियों में लगी थी, जो रेलवे ट्रैक से सटती थी। इन झोपड़ियों को संजीव गुप्ता, अंशु बजाज, सुभाष, खुशी राम साहू, हातिम अली, हसमत अली और जलील खान जैसे ठेकेदारों ने किराए पर ले रखा था। यहां असमिया मजदूरों को कूड़ा बीनने के काम पर रखा गया था।
मीना की आपबीती: "हम सो रहे थे, अचानक गर्मी बढ़ी तो उठे"
कसरीखेड़ा बस्ती की निवासी मीना ने बताया, "हम सो रहे थे, अचानक गर्मी बढ़ी तो नींद खुली। देखा तो झोपड़ी में आग लगी थी। मैंने तुरंत पति, बेटी सोनम और बेटे बबलू को उठाया और किसी तरह बाहर भागे। बाहर आकर शोर मचाया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कुछ कर नहीं पाए।"
पड़ोस के मकान भी चपेट में
आग की लपटों ने पास ही स्थित शशिबाला और एचआर वशिष्ठ के मकानों को भी नुकसान पहुंचाया। टाइल्स टूट गए और बाहर रखा सामान जलकर खाक हो गया।
लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया गया कि तीन दिन पहले भी शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी, लेकिन समय रहते बुझा ली गई थी। इस बार विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे इतना बड़ा हादसा हो गया।





