उत्तर प्रदेश

Lucknow: सरकारी स्कूलों में 3 साल से प्रवेश शुरू करने की मांग तेज

Admindelhi1
11 Aug 2025 3:17 PM IST
Lucknow: सरकारी स्कूलों में 3 साल से प्रवेश शुरू करने की मांग तेज
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव ने निजी व सरकारी स्कूलों में प्रवेश की आयु का मसला उठाया। उन्हाेंने कहा कि निजी स्कूल तीन साल में प्रवेश ले रहे हैं, जबकि सरकारी विद्यालय पांच साल में बच्चों को प्रवेश दे रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को दो साल का समय अधिक लगता है और वो निजी स्कूल की तरफ बढ़ जाते हैं। सरकार से इसे दूर करने और निजी व सरकारी स्कूलों में प्रवेश की आयु सीमा एक किए जाने की मांग करता हूं।

विधान परिषद में स्कूलों के मर्जर को लेकर सवाल उठाते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षा समाज को आगे ले जाती है। जबकि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की सरकार संविधान के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची में इसलिए रखा गया, क्योंकि इस पर सभी का समान अधिकार है। बच्चे 25 हो 50, विद्यालय बंद नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को व्यवसाय समझ कर बंद कर रही है। जबकि विद्यालय में यदि पांच बच्चे भी हैं तो उस पर सरकार को खर्च करना चाहिए।

उन्होंने परिषदीय विद्यालयों में लागू एनसीईआरटी की पुस्तकों को लेकर कहा कि अनुदानित और सहायता प्राप्त विद्यालयों को तो किताबें मिल जाती हैं लेकिन काफी संख्या में बच्चे किताबों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि निजी दुकानों पर भी किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित कराए।

लाल बिहारी ने प्रदेश में बंद मदरसों को लेकर कहा कि मदरसों को मिलने वाले अनुदान को सरकार ने बंद कर दिया है। फिर भी मदरसे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम अपनी आय का 10 फीसद जकात के लिए रखता है। उन जकात के पैसे से मदरसों का संचालन किया जाता है। इसके बावजूद सरकार उनकी जांच करा रही है।

उन्होंने कहा कि कहीं कहीं पर मानक से अधिक प्रवेश लिया जा रहा है। एक सेक्शन की आड़ में विद्यालय मानक से अधिक प्रवेश ले रहे हैं। उन्होंने बलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे बालिका विद्यालय गए तो वहां पर 4000 छात्राओं का प्रवेश हुआ था। इसलिए मानक से अधिक प्रवेश पर रोक लगाई जाए। इस दौरान उन्होंने कम्प्यूटर शिक्षा को भी अनिवार्य बनाये जाने की मांग रखी।

विधान परिषद में सदस्य आशुतोष सिन्हा ने स्कूलों को बंद किये जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमारे लोग बच्चों को शिक्षित करने के लिए पीडीए पाठशाला चला रहे हैं, तो हमारे कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

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