उत्तर प्रदेश

Lucknow: साइबर अपराधियों ने बढ़ाई डिजिटल डकैती

Admindelhi1
1 Jan 2026 11:12 AM IST
Lucknow: साइबर अपराधियों ने बढ़ाई डिजिटल डकैती
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लखनऊ: बीत चुके वर्ष में पुलिस ने शानदार काम किये। पुलिस ने महाकुम्भ जैसे बड़े आयोजनों में शानदार काम किया। आधुनिक और डिजिटल होते युग में घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। हलांकि पुलिस के आंकड़ों में हत्या, लूट और चेन स्नैचिंग मामलों में गिरावट आई है।

पुलिस के मुताबिक़ 2025 में एक भी डकैती की घटना दर्ज नहीं हुई। इसका महत्त्वपूर्ण कारण कमिश्नरेट सिस्टम और बढ़ी हुई पुलिस की संख्या से भी है। पुलिस की पेट्रोलिंग और मुस्तैदी ने अपराधों पर लगाम लगाई है। वहीं, दूसरी तरफ साइबर ठगों ने अधिक लोगों को शिकार बनाया। हलांकि पुलिस ने कई मामलों में खुलासा भी क्या। लेकिन जिस तरह से डिजिटल घटनाएं बढ़ी,उसके मुकाबले पुलिस की मुस्तैदी काम दिखी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रात की गश्त, अपराधियों की हिस्ट्रीशीट की नियमित समीक्षा, संवेदनशील इलाकों में सघन पेट्रोलिंग और खुफिया इनपुट पर त्वरित कार्रवाई ने डकैती जैसे संगठित अपराध की जड़ ही काट दी। यह पहली बार हुआ जब राजधानी में पूरे साल डकैती का आंकड़ा शून्य रहा, जिससे लखनऊ प्रदेश की उन चुनिंदा राजधानियों में शामिल हो गया जहां यह अपराध पूरी तरह काबू में रहा।पारंपरिक अपराध घटे, भरोसा बढ़ा हत्या, लूट और चेन स्नैचिंग जैसे मामलों में भी 2025 में कमी दर्ज की गई।

पुलिस का फोकस केवल एफआईआर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि त्वरित गिरफ्तारी और सख्त पैरवी पर रहा। हत्या के मामलों में त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 525 अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पुलिस की रिपोर्ट बताती है कि ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश स्कीम, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी ठगी और सोशल मीडिया हैकिंग के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई। माफिया के खिलाफ कार्यवाही में 41 मामलों में 196 अभियुक्त अरेस्टमाफिया नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 41 मामलों में 196 अभियुक्तों को चिह्नित कर कार्रवाई की। इनमें से 16 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 4.90 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति कुर्क की गई।

वर्ष 2020 से अब तक कुल 221 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। इसके अलावा 217 अभियुक्तों को गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर किया गया।करोड़ों की ठगी, लेकिन पुलिस की रिकवरी भी मजबूत2025 में साइबर ठगों ने राजधानी के लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगाया, लेकिन साइबर सेल की सक्रियता के चलते 11.68 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम समय रहते होल्ड और रिकवर कराई गई।पुलिस ने हजारों फर्जी मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट ब्लॉक कराए। कई अंतरराज्यीय साइबर गैंग का भी पर्दाफाश हुआ, जिनके तार दूसरे राज्यों और विदेशी सर्वरों से जुड़े पाए गए।

अपराध का नया चेहरा, पुलिस की नई रणनीतिलखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि 2025 ने यह साफ कर दिया कि अपराध अब केवल सड़क पर नहीं, बल्कि स्क्रीन के पीछे छिपकर हो रहा है। इसी वजह से पुलिस ने साइबर पेट्रोलिंग, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और बैंकिंग सिस्टम के साथ रियल टाइम को-ऑर्डिनेशन पर जोर बढ़ाया।

स्कूल, कॉलेज और आरडब्ल्यूए स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को डिजिटल ठगी से बचने के तरीके भी बताए गए।महिला सुरक्षा और निवारक पुलिसिंग का असरमहिला अपराधों पर सख्ती, पिंक बूथ, मिशन शक्ति अभियान और यूपी-112 के तेज रिस्पॉन्स ने भी अपराध नियंत्रण में बड़ी भूमिका निभाई। किरायेदार सत्यापन, संदिग्धों की डिजिटल ट्रैकिंग और मोहल्ला पुलिसिंग ने डकैती जैसे अपराध को पनपने का मौका ही नहीं दिया।

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