उत्तर प्रदेश

Lucknow: भाजपा सांसद के बयान से विवाद, यूजीसी पर तीखी टिप्पणी

Admindelhi1
24 Feb 2026 11:23 AM IST
Lucknow: भाजपा सांसद के बयान से विवाद, यूजीसी पर तीखी टिप्पणी
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लखनऊ: यूजीसी को लेकर चल रहे विवाद के बीच सात बार सांसद और प्रखर धार्मिक नेता महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज का एक बयान सोशल मीडिया पर तूफान बन गया है। अपने स्पष्ट और आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले साक्षी महाराज ने विरोध कर रहे समूहों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग कट्टरता की हद तक जाकर यूजीसी का विरोध कर रहे हैं और समाज को जातीय आधार पर बांटने की साजिश रच रहे हैं।

उन्नाव से सांसद साक्षी महाराजने कहा कि यदि ओबीसी और एससी समाज इस मुद्दे को अपना अपमान मान ले और 90 प्रतिशत की ताकत के साथ एकजुट हो जाए, तो देश और प्रदेश की सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, जब 90 प्रतिशत समाज खड़ा हो जाएगा तो फिर कौन एमपी बनेगा, कौन एमएलए बनेगा, कौन मुख्यमंत्री और कौन प्रधानमंत्री बनेगा यह तय करने की ताकत भी उसी समाज के पास होगी।

उन्होंने कहा कि इस विषय को बेवजह तूल देकर कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं। साक्षी महाराज ने लोगों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर विश्वास रखें। उनके अनुसार केंद्र और प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास और सामाजिक संतुलन की नीति पर काम कर रही है।

साक्षी महाराज: संत से संसद तक का सफर

साक्षी महाराज केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि धार्मिक जगत की भी एक प्रभावशाली हस्ती माने जाते हैं। वे जूना अखाड़े से जुड़े महामंडलेश्वर हैं और लंबे समय से हिंदुत्व की मुखर आवाज रहे हैं। आध्यात्मिक पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और सात बार लोकसभा पहुंचकर अपने जनाधार की ताकत साबित की। उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से ओबीसी वर्ग के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

वे अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं और अपने समर्थकों के बीच उन्हें बेबाक, निडर और स्पष्टवादी नेता के रूप में देखा जाता है। सामाजिक और धार्मिक मंचों पर उनकी सक्रियता उन्हें एक अलग पहचान देती है।

वीडियो वायरल, सियासत में हलचल

उनके हालिया बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थक इसे सामाजिक एकजुटता की आवाज बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे भड़काऊ करार दे रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर बहस तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाएगा।

फिलहाल इतना तय है कि साक्षी महाराज के इस बयान ने यूजीसी विवाद को नया राजनीतिक रंग दे दिया है और प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बहस का नया अध्याय खोल दिया है।

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