उत्तर प्रदेश

Lucknow: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ में सहायक प्रोफेसर भर्ती घोटाले का खुलासा

Admindelhi1
22 April 2025 10:01 AM IST
Lucknow: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ में सहायक प्रोफेसर भर्ती घोटाले का खुलासा
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"एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई"

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाले भर्ती घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एसटीएफ ने केकेसी कॉलेज में तैनात सहायक प्रोफेसर विपिन कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रविवार देर रात करीब 1 बजे चिनहट क्षेत्र के आईसीएआर राष्ट्रीय मत्स्य आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो तिराहा, राजकीय पशु चिकित्सालय मल्हौर रोड के पास से पकड़ा गया।

प्रश्नपत्र और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी

एसटीएफ के अनुसार, विपिन कुमार यादव ने उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन की गारंटी के नाम पर प्रतियोगियों से मोटी रकम वसूली थी। गिरफ्तारी के समय उसके पास से 1 लाख रुपये नकद, 41 प्रवेश पत्र, मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद हुआ। फर्जी आधार कार्ड से पहचान छिपाई, खुद को बताया शिक्षा आयोग का अधिकारी

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह 2022 में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित हुआ था और वर्तमान में केकेसी कॉलेज, लखनऊ में कार्यरत है। उसने परीक्षार्थियों से विश्वास जीतने के लिए 'अनल यादव' नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया और खुद को शिक्षा आयोग का अधिकारी बताकर संपर्क किया। चयन में मदद करने के नाम पर वह प्रवेश पत्र भी जब्त कर लेता था।

गिरोह से जुड़ाव की जांच जारी

एएसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि एक दिन पहले एसटीएफ की एक और टीम ने तीन अन्य जालसाजों को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह भी असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। इस गिरोह का संचालन गोंडा के लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में तैनात सहायक प्रोफेसर बैजनाथ पाल, उसके भाई विनय पाल और एक अन्य सदस्य महबूब अली द्वारा किया जा रहा था। इनके पास से 12 लाख रुपये नकद और कई दस्तावेज बरामद हुए थे।

अब तक इस घोटाले में चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें से दो सहायक प्रोफेसर हैं। एसटीएफ की दोनों टीमें अब इन मामलों के आपसी कनेक्शन और गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 35-35 लाख रुपये में सौदे किए गए थे। चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज, आगे की जांच जारी है।

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