उत्तर प्रदेश

Lucknow: धोखाधड़ी कर रकम हड़पने वाला बैंक अधिकारी गिरफ्तार

Admindelhi1
14 July 2025 8:03 PM IST
Lucknow: धोखाधड़ी कर रकम हड़पने वाला बैंक अधिकारी गिरफ्तार
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"वर्ष 2006 में बांदा में हुआ था घोटाला"

लखनऊ: आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्लू), उत्तर प्रदेश ने एक लंबे समय से फरार चल रहे बैंक अधिकारी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी छेदालाल अनुरागी, जो वर्तमान में इंडियन बैंक, होलीपुरा (आगरा) में शाखा प्रबंधक के पद पर तैनात था, को सोमवार को ईओडब्लू टीम ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला वर्ष 2006 का है जब बांदा जिले की अतर्रा शाखा में इलाहाबाद बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो फर्जी खाते खोले गए। इसके बाद यूनियन बैंक आॅफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया और बैंक आफ बड़ौदा में भी ऐसे ही फर्जी खातों की श्रृंखला खड़ी की गई। इन खातों के लिए चेकबुक जारी कराकर इलाहाबाद बैंक, अतर्रा शाखा में फर्जी खाताधारकों के नाम से अकाउंट पेयी चेक जमा किए गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि इन चेक्स की वैधता जांचने के लिए कोरियर के माध्यम से सलाह (एडवाइज) मंगाई गई, लेकिन कोरियर कर्मियों ने बिना सही पुष्टि के चेक को वैध बता दिया। जांच में सामने आया कि जिन खातों से चेक जारी किए गए थे, उनमें केवल एक-दो हजार रुपये ही जमा थे। इसके बावजूद इन चेक्स के माध्यम से करीब 27 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई, जिससे इलाहाबाद बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

इस मामले में इलाहाबाद बैंक शाखा, अतर्रा के तत्कालीन प्रबंधक के.पी. दिनकर की शिकायत पर थाना अतर्रा, जनपद बांदा में मुकदमा दर्ज हुआ था। पहले इस मामले की जांच जनपद पुलिस द्वारा की गई, जिसे बाद में शासनादेश के तहत वर्ष 2015 में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, लखनऊ को सौंपा गया।

ईओडब्लू की विस्तृत जांच में यह सामने आया कि कुल 11 लोग इस घोटाले में शामिल थे, जिनमें से 6 बैंक कर्मचारी (लोकसेवक) और 5 निजी व्यक्ति थे। निजी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब इस घोटाले में शामिल रहे तत्कालीन रिटेल बैंकिंग आॅफिसर छेदालाल अनुरागी की गिरफ्तारी के साथ एक और बड़ा कदम उठाया गया है।

ईओडब्ल्यू के पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में चलाए जा रहे गिरफ्तारी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। शेष 5 लोकसेवक अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास अभी भी जारी हैं।

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