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Lucknow: आजम को Y-श्रेणी सुरक्षा, शिशिर चतुर्वेदी ने किए तीखे सवाल

लखनऊ: उत्त्तर प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ सपा नेता मोहम्मद आजम खान को Y-श्रेणी की सुरक्षा बहाल किए जाने के फैसले ने राजनीति और सड़क-स्तर पर तीखी बहस छेड़ दी है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा आवरण जोखिम के आकलन पर मिलता है, जबकि विरोधी संगठनों और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का कहना है कि यह निर्णय असंवेदनशील और अनुचित है — खासकर तब जब आजम पर दर्ज आपराधिक मुकदमों और विवादित बयानों को लेकर जनता में गहरी नाराज़गी है।
राज्य प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों ने कहा है कि आजम खान के घर व आवास के बाहर बेमियादी भीड़-भाड़ और बड़े-पैमाने पर लोग आना-जाना बढ़ गया है, जिस कारण उनके और आसपास के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए Y-श्रेणी सुरक्षा बहाल की गई। अधिकारियों के हवाले से समाचार एजेंसियों ने बताया कि सुरक्षा बहाल करना सामान्य प्रक्रिया है जब किसी हाई-प्रोफ़ाइल व्यक्ति के चारों ओर शांति-व्यवस्था का जोखिम बढ़ता है। Y श्रेणी में आम तौर पर 8–11 सदस्यीय सुरक्षा दल (कमान्डो/गनर सहित) तैनात होते हैं — और कुछ मामलों में Y+ जैसे उच्च स्तर भी दिया जाता है।
अखिल भारत हिन्दू महासभा और शिशिर चतुर्वेदी का तीखा हमला
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने सरकार के इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए सवाल उठाए हैं कि “जनता के टैक्स के पैसे से ऐसी सुरक्षा क्यों दी जा रही है जो समाज के लिए खतरा मानी जा सकती है।” चतुर्वेदी के अनुसार,आजम खा के द्वारा दिए गए बयान “भारत माता डायन है, सेना बलात्कारी है, कांवड़ यात्रा में डीजे बंद करवाएंगे, अधिकारी तनख्या है इनसे जूते साफ करवाऊंगा, आतंकियों की रिहाई करवाऊंगा, पुलिस से भैंस ढूंढवाऊगा, सुंदरकांड बंद कराई, आरएसएस के लोग समलैंगिक होते हैं कहा था एक सौ चार अपराधिक मुकदमे, पूरे परिवार पर आपराधिक मुकदमे। ऐसी महान आत्मा को Y-श्रेणी की सुरक्षा उत्तर प्रदेश सरकार क्यों दे रही है? जो खुद में एक बड़ा आतंक का पर्याय हो! इसे जनता के टैक्स से सुरक्षा क्यों?”
इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि कई शांतिप्रिय लोगों, पीड़ित परिवारों और बजट-सीमाओं के बीच यह फैसला अनुचित रूप से पक्षपातपूर्ण प्रतीत होता है। अखिल भारत हिन्दू महासभा ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की है और कहा है कि छोटे-मोटे आक्रमणों या संवेदनशील नेताओं की सुरक्षा घटाकर सामान्य नागरिकों और अन्य प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।





