- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Lucknow: बकरीद पर यूपी...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आज बकरीद का त्योहार पूरे जोश और श्रद्धा के साथ मनाया गया। राजधानी लखनऊ सहित राज्य के सभी जिलों में सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। धार्मिक श्रद्धा और भाईचारे की भावना के साथ अदा की गई बकरीद की नमाज के दौरान लोगों ने देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
लखनऊ में विभिन्न मस्जिदों जैसे असर्फाबाद मस्जिद, ऐशबाग ईदगाह, तिलकनगर मस्जिद, चौक की जामा मस्जिद और अन्य प्रमुख जगहों पर सुबह से ही नमाज अदा करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। मुस्लिम समुदाय के लोग पारंपरिक पोशाकों में नजर आए और बकरीद की नमाज के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर त्योहार की मुबारकबाद दी।
रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान
त्योहार को देखते हुए लखनऊ पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुबह कई प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था ताकि नमाज में किसी तरह की परेशानी न हो। ऐशबाग ईदगाह, चौक, हुसैनगंज, कैसरबाग, अमीनाबाद, और पुराने लखनऊ के कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। पुलिस कर्मियों ने बड़ी संख्या में तैनात होकर पूरे शहर में निगरानी रखी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
त्योहार के मद्देनजर प्रदेशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लखनऊ समेत सभी जिलों में पुलिस बल, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें चप्पे-चप्पे पर तैनात रहीं। ड्रोन से भीड़ पर नजर रखी जा रही थी, जबकि प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही थी। सभी जिलों में थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों ने फ्लैग मार्च भी किया।
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि पूरे प्रदेश में बकरीद को शांतिपूर्वक और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट मोड में रखा गया है।
कानपुर, आगरा, वाराणसी समेत अन्य जिलों में भी नमाज अदा
लखनऊ के अलावा कानपुर, आगरा, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, प्रयागराज और गोरखपुर समेत सभी प्रमुख शहरों में भी सुबह नमाज अदा की गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बलों ने हर जिले में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सख्त इंतजाम किए थे।
कानपुर में जामा मस्जिद, नई सड़क, बेगमगंज और चमनगंज जैसे इलाकों में हजारों की संख्या में नमाजी जुटे। वहीं आगरा में ताजमहल के आसपास के इलाके समेत ईदगाह और जामा मस्जिद में लोगों ने नमाज अदा की और फिर एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी।
बच्चों में दिखा खास उत्साह
बकरीद का त्योहार बच्चों के लिए भी खास होता है। नई-नई पोशाकों में सजे बच्चों के चेहरों पर उत्साह साफ नजर आया। कई जगहों पर बच्चों को मिठाइयां और खिलौने उपहार स्वरूप दिए गए। बकरीद के मौके पर विशेष पकवान जैसे बिरयानी, कबाब, शीर खुरमा और सेवइयां भी बनाए गए।
कुर्बानी की परंपरा निभाई गई
नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय द्वारा परंपरागत रूप से कुर्बानी की रस्म भी निभाई गई। कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटा गया – एक हिस्सा गरीबों को, एक रिश्तेदारों को और एक अपने उपयोग में लाया गया। इस बार प्रशासन की ओर से कुर्बानी को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, ताकि साफ-सफाई और पर्यावरण का ध्यान रखा जा सके।
नगर निगम और सफाई कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया था, जिससे कुर्बानी के बाद साफ-सफाई में किसी तरह की ढिलाई न हो। कई जिलों में नगर निगम ने विशेष गाड़ियों की व्यवस्था की थी जो कुर्बानी के अवशेष एकत्र कर निस्तारित कर रही थीं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बकरीद की शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेशवासियों को बकरीद की बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पावन पर्व सभी को आपसी भाईचारे, त्याग और सेवा की प्रेरणा देता है। यह पर्व समाज में सौहार्द, सद्भाव और आपसी प्रेम को प्रोत्साहित करता है। मैं प्रदेशवासियों को इस पावन अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।”
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने दिया अमन और एकता का संदेश
बकरीद के मौके पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी अमन और एकता का संदेश दिया। लखनऊ के मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, “बकरीद हमें बलिदान और सेवा का संदेश देती है। इस दिन हमें उन जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए जिनके पास पर्याप्त साधन नहीं हैं। इस त्योहार की असली खुशी तभी है जब हम दूसरों के चेहरों पर मुस्कान ला सकें।”
अंतिम विचार
उत्तर प्रदेश में बकरीद का त्योहार इस बार पूरे शांति और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। हर जिले से सौहार्दपूर्ण समाचार प्राप्त हुए, जिससे साफ है कि प्रशासन और आम जनता ने मिलकर त्योहार को सफल और शांतिपूर्ण बनाया। बकरीद न सिर्फ धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह त्याग, सहयोग और मानवता का पर्व है – और इस भावना को पूरे उत्तर प्रदेश में पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ निभाया गया।





