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Lucknow: बकाया भुगतान न करने पर सहारा की 3 इमारतें सील

लखनऊ: सहारा ग्रुप पर शिकंजा कसता जा रहा है। जिला प्रशासन ने शनिवार को सहारा प्राइम सिटी और सहारा क्रेडिट की 17 करोड़ 91 लाख रुपए से अधिक की आरसी बकाया वसूली को लेकर कपूरथला कॉम्प्लेक्स, अलीगंज स्थित सहारा भवन-1 और भवन-2 को सील कर दिया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी (सदर) की अगुआई में की गई। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। यह कार्रवाई रेरा, कोर्ट और श्रम न्यायालय की आरसी पर वसूली न करने पर की गई।
प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा), न्यायालय और श्रम न्यायालय द्वारा जारी रिकवरी सर्टिफिकेट आरसी के आधार पर की गई है। सहारा समूह द्वारा बार-बार नोटिस के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करने पर इन संपत्तियों को सीज करने की अंतिम कार्रवाई करनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन की अगली कार्रवाई में अन्य सहारा संपत्तियों की कुर्की या नीलामी भी हो सकती है।
डीएम कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बकाया वसूली तक यह अभियान जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की सख्ती अब असर दिखा रही है। लखनऊ जिला प्रशासन की टीम ने कपूरथला स्थित सहारा प्राइम सिटी की दो इमारतें-सहारा भवन प्रथम और द्वितीय पर कार्रवाई की है। कार्रवाई बकाया वसूली न होने पर की गई। बिल्डर पर 20.89 करोड़ रुपए का बकाया है, जिसमें निवेशकों का पैसा भी शामिल है। अपर जिलाधिकारी (सदर) के मुताबिक, सहारा समूह को इससे पहले भी कई बार नोटिस जारी की गई थी। अचल संपत्ति कुर्की आदेश के बाद भी जब भुगतान नहीं किया गया, तब यह कार्रवाई की गई। अब प्रशासन इन संपत्तियों की नीलामी की तैयारी कर रहा है।
रेरा के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में ही 20.89 करोड़ की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया था। इस रकम का संबंध सहारा की विभिन्न आवासीय योजनाओं में फंसे निवेशकों के पैसे से है। कंपनी की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर निवेशकों ने रेरा में अपील की थी। सहारा प्राइम सिटी पर : 8.99 करोड़ की आरसी और सहारा क्रेडिट की न्यायालय देय राशि बकाया। श्रम विभाग की ओर से : 4.22 करोड़ रुपए की आरसी बकाया।
एसडीएम सदर ने बताया कि रेरा के आदेश पर ही संपत्तियों को सील किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, लखनऊ में 75 रियल एस्टेट कंपनियों से कुल 194 करोड़ रुपए की वसूली होनी है। इनमें से अब तक 70 करोड़ से ज्यादा की रकम वसूली जा चुकी है। इससे पहले वसुंधरा प्रॉपर्टीज, जेजे मोटल्स, निर्मल इन्फ्रास्ट्रक्चर और पोलार्स इन्फ्रास्ट्रक्चर की संपत्तियां भी सील की जा चुकी हैं।





