उत्तर प्रदेश

Lucknow: निगम मुख्यालय में लगे कैम्प में शत-प्रतिशत शिकायतें निपटीं

Admindelhi1
27 Jun 2024 10:03 AM GMT
Lucknow: निगम मुख्यालय में लगे कैम्प में शत-प्रतिशत शिकायतें निपटीं
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कैम्प में 245 भवनों के टैक्स पांच गुना तक घटे

लखनऊ: नगर निगम में लगे जीआईएस सर्वे कैम्प में 245 लोगों के गृह कर सुधारे गए. किसी का तीन गुना टैक्स कम हो गया तो किसी का पांच गुना. कुर्सी पर बैठे बैठे लोगों के टैक्स कम कर उन्हें नया बिल दे दिया गया. मौके पर ही लोगों ने टैक्स जमा कर दिया. नगर निगम का काम फटाफट होते देख लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई. इस दौरान नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार तथा अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविन्द कुमार राव मौजूद रहे.

नगर निगम के कैम्प में समस्याएं लेकर पहुंचे किसी भी भवन स्वामी को निराश नहीं लौटना पड़ा. सभी के हाउस टैक्स को पुरानी दरों पर कर दिया गया. जीआईएस सर्वे में इनके टैक्स काफी ज्यादा आ गए थे. कैम्प में सभी जिम्मेदार अधिकारी, जोनल अधिकारी, कर अधीक्षक, टैक्स इंस्पेक्टर तथा जीआईएस सर्वे की टीम भी थी. अधिकारियों ने जोन वार शिकायतों का निस्तारण करा कम्प्यूटर पर नया बिल अपलोड करा दिया. सबसे ज्यादा शिकायतें जोन सात में 58 आईं. जोन तीन में 55 तथा जोन छह में 45 शिकायतें आईं. सबसे कम केवल आठ शिकायतें जोन आठ में आई हैं.

मेयर व नगर आयुक्त भड़के कैम्प में एक भवन स्वामी की समस्या का निदान किए बिना अगले सप्ताह आने की बात कह कर लौटा दिया गया. इसकी जानकारी महापौर सुषमा खर्कवाल व नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह को हुई तो खफा हो गए. नगर आयुक्त ने कहा कि किस अधिकारी ने अगले दिन आने का समय दिया है, वह खुद सामने आ जाए. संबंधित भवन स्वामी को घर से बुलाकर लाओ. हालांकि, अधिकारियों ने सम्बंधित व्यक्ति को नीचे ही ढूंढ़ लिया और उसकी भी समस्या का निदान हो गया. नगर आयुक्त ने कहा कि जो भी कैम्प में आया है, उसका काम आज ही होगा

इनके टैक्स कम हुए तो चेहरे पर आई मुस्कान

● रिंग रोड शंकर पुरवा के जगन्नाथ का हाउस टैक्स जीआईएस सर्वे में बढ़ाकर 9583 कर दिया गया. कैम्प में फिर टैक्स 3146 हुआ.

● ओम प्रकाश यादव का वार्षिक टैक्स 640 कर दिया गया था. कैम्प में कम करके 69 किया गया.

● ऊषा गोविल का टैक्स जीआईएस सर्वे में 58500 हो गया था. कैम्प में कम कर 274 किया गया.

● शशि शुक्ला का जीआईएस सर्वे में वार्षिक मूल्यांकन 26460 हो गया. इसे कम करके 9720 किया गया.

● चन्द्रशेखर के भवन का वार्षिक मूल्यांकन 35100 हो गया था. सुनवाई के बाद इसे 19440 रुपये किया गया

● किरन जायसवाल के भवन का वार्षिक मूल्यांकन जीआईएस सर्वे में 560 था. निस्तारण के बाद 4500 हुआ.

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