उत्तर प्रदेश

Lucknow: राजधानी में गरमाई सियासत, पोस्टरों के जरिए तकरार

Admindelhi1
10 July 2025 4:09 PM IST
Lucknow: राजधानी में गरमाई सियासत, पोस्टरों के जरिए तकरार
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लखनऊ; उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों शिक्षा को लेकर पोस्टर वॉर तेज हो गया है। राजधानी लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे पर लगा एक बड़ा सा होर्डिंग लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस पोस्टर के जरिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए शिक्षा क्षेत्र में योगी सरकार की उपलब्धियों का जोरशोर से बखान किया गया है।

पोस्टर में सीधा संदेश देते हुए लिखा गया है ‘चश्मा हटाइए अखिलेश जी, टोपी मत पहनाइए!’

इस टिप्पणी के जरिए संकेत दिया गया है कि अखिलेश यादव सरकार की नीतियों को लेकर जो आलोचना कर रहे हैं, वह ‘हकीकत से दूर और सियासी चश्मे से देखने’ जैसा है। पोस्टर में दावा किया गया है कि 2017 से पहले सरकारी स्कूल खंडहर जैसे दिखते थे, जबकि योगी सरकार के आने के बाद इन स्कूलों को “समग्र शिक्षा के मंदिर” में बदला गया है। पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीरें भी लगाई गई हैं, जो इस टकराव को और ज्यादा स्पष्ट कर देती हैं।

सियासी रंग देने वाले इस पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि अखिलेश सरकार के चार साल के दौरान लगभग 7 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूल छोड़ दिए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूत करने का दावा किया है।

सपा ने साधा था निशाना

गौरतलब है कि स्कूलों के मर्जर को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार विरोध कर रही है। पार्टी का कहना है कि यह कदम शिक्षा के अधिकार अधिनियम के खिलाफ है और छोटे बच्चों को स्कूल से दूर कर सकता है। वहीं, योगी सरकार इसे शिक्षा के स्तर में सुधार की दिशा में उठाया गया जरूरी कदम बता रही है।

अब जब पोस्टर के जरिए जवाबी सियासत सामने आई है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि समाजवादी पार्टी अगला दांव किस तरह खेलती है। एक तरफ भाजपा शिक्षा के नाम पर अपनी उपलब्धियां गिना रही है, तो दूसरी ओर सपा सरकार के फैसलों पर सवाल उठा रही है। कुल मिलाकर राजधानी की सड़कों पर लगे पोस्टर अब राजनीतिक बयानबाजी का नया मंच बनते नजर जा रहे हैं।

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