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Lucknow: प्रदेश में तीन ग्रामीण बैंकों का विलय, 'उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक' के रूप में होगा एकीकृत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। प्रदेश के तीन प्रमुख ग्रामीण बैंकों – प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक, बड़ौदा यूपी बैंक और आर्यावर्त ग्रामीण बैंक – को विलय कर एक नए बैंक ‘उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक’ की स्थापना की गई है। यह विलय आज 1 मई 2025 से प्रभावी हो गया है।
इस विलय को राज्य की बैंकिंग व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक कदम माना जा रहा है। इस फैसले के बाद इन तीनों बैंकों का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया है और अब पूरे प्रदेश में ग्रामीण बैंकिंग सेवाएं ‘उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक’ के अंतर्गत संचालित होंगी।
ग्रेटर नोएडा की विलासपुर शाखा के बैंक प्रबंधक बृजपाल सिंह ने बताया कि यह कदम राज्य के ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने और बैंकिंग सेवाओं को अधिक कुशल एवं एकीकृत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि आज 1 मई 2025 को प्रदेश के ग्रामीण बैंकिंग क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक, बड़ौदा यूपी बैंक और आर्यावर्त ग्रामीण बैंक को मिलाकर अब ‘उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक’ अस्तित्व में आ गया है।”
विलय के बाद ‘उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक’ देश का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक बन गया है। इस बैंक की शाखाएं पूरे राज्य के ग्रामीण, शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध होंगी। यह संस्था किसानों, ग्रामीण उद्यमियों, स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले युवाओं और महिलाओं के लिए ऋण, बचत, बीमा व अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
नए बैंक का मुख्यालय लखनऊ में स्थित होगा। इसके अलावा प्रदेशभर में क्षेत्रीय कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे ताकि राज्य के हर कोने में बैंकिंग सेवाएं समान रूप से पहुंच सकें।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों का आर्थिक और सामाजिक विकास सुनिश्चित करना है। यह बैंक कृषि, लघु उद्योग, पशुपालन, स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा।
खाताधारकों के पुराने खाते, पासबुक और सेवाएं मान्य रहेंगी। धीरे-धीरे सभी सेवाएं और पहचान नए नाम ‘उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक’ में अपडेट की जाएंगी। खाताधारकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
इस बड़े फैसले से न सिर्फ बैंकिंग प्रणाली अधिक मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण जनता को एकीकृत और सशक्त वित्तीय सेवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।





