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लोनी: पांच दिन से लापता बताए जा रहे उत्तरांचल विहार सोसायटी के निवासी एसी मैकेनिक सत्यम उर्फ पिंटू ( 27) का शव शुक्रवार को घर के सामने ही पानी के प्लांट पर बनी टंकी में मिला। आरओ वाटर का प्लांट उनके दोस्त अरुण शर्मा का है। पिंटू के परिजनों ने अरुण और उसकी मां गीता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि अरुण ने ही हत्या कर शव टंकी में डाला। वह पिंटू को घर से बुलाकर ले गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पिंटू के परिजनों का कहना है कि जिस तरह शव प्लांट की दूसरी मंजिल पर बनी टंकी में मिला, उससे एकदम स्पष्ट है कि हत्या की गई है। टंकी को काटकर शव को निकाला गया।
पिंटू के पिता ओमबीर सिंह ने बताया कि 31 मार्च की सुबह बेटे को अरुण बुलाकर ले गया था। पिंटू अपनी स्कूटी से गया था। स्कूटी नहीं मिली है। वे लोग 31 की रात से ही पिंटू की तलाश कर रहे थे। अरुण से भी पूछा था। उसने कह दिया कि उसके पास से तो वह चला गया था।
शुक्रवार की सुबह पानी की टंकी से बदबू आने पर टंकी को खोलकर देखा गया। इसमें शव नजर आया, जो फूल चुका था। इसे बाहर निकालने पर पता चला कि यह पिंटू का है। सूचना पर पहुंची पुलिस के सामने लोगों ने गुस्सा जाहिर किया और कहा कि हत्या का खुलासा कर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस ने अरुण को हिरासत में ले लिया।
पिंटू के परिजनों ने पुलिस से कहा कि अरुण पिछले तीन दिनों से आसपास के लोगों से कार मांग रहा था। लोगों ने उन्हें इसकी जानकारी दी है। शक है कि कार मांगने के पीछे उसकी मंशा पिंटू के शव को टंकी से निकालकर कहीं और ले जाने की थी। वह शव को ठिकाने लगाना चाहता था लेकिन कार नहीं मिल पाने की वजह से असफल रहा। पिंटू और अरुण के बीच कुछ दिन पहले ही दोस्ती हुई थी।
एसीपी अंकुर विहार अजय कुमार ने बताया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जल्द ही केस का खुलासा हो जाने की उम्मीद है।
सत्यम का शव मिलने के बाद परिजनों ने सभी रिश्तेदारों और दोनों शादीशुदा बहनों को भी फोन कर बुलाया। परिजनों ने बताया कि दोनों बहनों को झूठ बोलकर बुलाया था कि उनका भाई सत्यम मिल गया है। सत्यम की बड़ी बहन पूजा अपने ससुराल वालों के साथ पहुंची। भाई का शव देख उसकी तबीयत बिगड़ गई। गला रुंध गया और आवाज निकलनी बंद हो गई। इस पर डॉक्टर को बुलाया गया। उपचार के बाद भी वह बोल नहीं पा रही है।





