उत्तर प्रदेश

बिजनौर में 'पुष्पा' स्टाइल में शराब की तस्करी का भंडाफोड़, 55 लाख की 650 पेटी शराब जब्त

Kavita2
28 Oct 2026 9:29 AM IST
बिजनौर में पुष्पा स्टाइल में शराब की तस्करी का भंडाफोड़, 55 लाख की 650 पेटी शराब जब्त
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बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर को पुलिस ने चेकिंग के दौरान अंग्रेजी शराब से लदे एक ट्रक को पकड़कर करीब 55 लाख रुपये की शराब बरामद की। ट्रक में कुल 650 पेटी अंग्रेजी शराब रखी हुई थी। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में शराब की तस्करी का ऐसा तरीका सामने आया है, जिसकी तुलना चर्चित फिल्म 'पुष्पा' में दिखाई गई लाल चंदन की तस्करी से की जा रही है। आरोपी फर्जी बिलों के सहारे शराब को एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचा रहे थे। इतना ही नहीं, तस्करी का पूरा नेटवर्क इस तरह संचालित किया जा रहा था कि ट्रक चालक को भी शराब के असली मालिक की जानकारी नहीं थी।

शादीपुर नहर पुलिया पर पुलिस ने पकड़ा शराब से भरा ट्रक

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जिले में अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली देहात पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से शराब तस्करी की सूचना मिली थी।

सूचना के आधार पर पुलिस ने बिजनौर-नगीना मार्ग स्थित शादीपुर नहर पुलिया के पास वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी में ट्रक के अंदर बड़ी संख्या में अंग्रेजी शराब की पेटियां मिलीं।

पुलिस ने शराब से भरे ट्रक को कब्जे में लेते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। बरामद शराब की कीमत करीब 55 लाख रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने शराब से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की तो कथित फर्जी बिलों के इस्तेमाल का मामला सामने आया।

ट्रक से 650 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद

पुलिस के अनुसार, ट्रक में दो प्रमुख ब्रांड की कुल 650 पेटी अंग्रेजी शराब लदी हुई थी। इनमें इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की 540 पेटियां और आरएस ब्रांड की 110 पेटियां शामिल थीं।

बरामद शराब में इम्पीरियल ब्लू के क्वार्टर की 255 पेटियां, हाफ की 150 पेटियां और पूरी बोतलों की 135 पेटियां थीं। इसके अतिरिक्त आरएस ब्रांड के क्वार्टर की 50 और हाफ की 60 पेटियां बरामद हुईं।

पुलिस ने ट्रक के साथ अन्य सामान भी जब्त किया है। बरामद शराब की मात्रा को देखते हुए पुलिस का मानना है कि इसके पीछे संगठित तस्करी नेटवर्क हो सकता है।

फिल्म पुष्पा की तरह चल रहा था शराब तस्करी का खेल

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात शराब की तस्करी का तरीका है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि तस्करी से जुड़े लोग ट्रक चालक को केवल तय स्थान से वाहन उठाने और दूसरी लोकेशन पर पहुंचाने का निर्देश देते थे।

चालक को यह जानकारी नहीं दी जाती थी कि शराब किसकी है और अंतिम रूप से किस व्यक्ति तक पहुंचानी है। उसे एक जगह चाबी लगा ट्रक मिलता था। इसके बाद फोन पर मिली लोकेशन के अनुसार वाहन को अगले स्थान तक पहुंचाना होता था।

वहां चालक ट्रक को चाबी सहित खड़ा करके चला जाता था। इसके बाद दूसरा व्यक्ति वाहन को आगे लेकर जाता था। तस्करी के इसी तरीके की तुलना फिल्म 'पुष्पा' से की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य तस्करी के मुख्य संचालकों की पहचान छिपाए रखना हो सकता है।

हरियाणा का ट्रक चालक गिरफ्तार

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद आजीब पुत्र उमर मोहम्मद के रूप में की है। वह हरियाणा के नूंह मेवात जिले के तावड़ू थाना क्षेत्र स्थित भाजलाका गांव का निवासी है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरियाणा के राहुल नामक व्यक्ति के संपर्क में आया था। राहुल ने उसे शराब से भरा ट्रक निर्धारित स्थान तक पहुंचाने का काम दिया था।

आरोपी के अनुसार, उसे इस काम के बदले 30 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। इसके अलावा यात्रा खर्च के लिए 20 हजार रुपये और प्रतिदिन 500 रुपये का भत्ता दिया जा रहा था।

पुलिस अब राहुल नामक व्यक्ति की पहचान और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पंजाब से बिहार भेजी जा रही थी शराब की खेप

पुलिस की जांच में सामने आया कि शराब की खेप चंडीगढ़ से बिहार पहुंचाई जानी थी। आरोपी चालक को चंडीगढ़ के एक पेट्रोल पंप से ट्रक लेकर हापुड़ तक पहुंचाने का निर्देश मिला था।

इसके बाद हापुड़ में ट्रक किसी दूसरे चालक को सौंप दिया जाता। इसी तरह अलग-अलग स्थानों पर चालक बदलकर शराब की खेप बिहार तक पहुंचाने की योजना थी।

बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर कानूनी प्रतिबंध लागू है। ऐसे में दूसरे राज्यों से अवैध रूप से शराब पहुंचाने की कोशिशें सामने आती रही हैं।

पुलिस का मानना है कि लगातार चालक बदलने की रणनीति से तस्कर अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की जांच से बचने का प्रयास कर रहे थे।

फर्जी बिलों और फोन कॉल से संचालित था नेटवर्क

जांच में शराब के परिवहन के लिए फर्जी बिलों के इस्तेमाल का आरोप भी सामने आया है। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब किसके नाम पर भेजी जा रही थी।

वहीं, गिरफ्तार चालक ने बताया कि राहुल नामक व्यक्ति उससे फोन के जरिए संपर्क करता था। एक रिपोर्ट के अनुसार, संपर्क के लिए वीपीएन नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया गया था।

इससे पुलिस के सामने तस्करी के मुख्य संचालक तक पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है। पुलिस चालक के संपर्कों और ट्रक के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

बिजनौर पुलिस ने मामले में आरोपी चालक के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल और आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, इस कार्रवाई में केवल ट्रक चालक की गिरफ्तारी ही अंतिम उद्देश्य नहीं है। पुलिस शराब के वास्तविक मालिक और पूरे तस्करी नेटवर्क की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।

शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिस

इस कार्रवाई के बाद बिजनौर पुलिस ने दूसरे राज्यों से जुड़ी शराब तस्करी की गतिविधियों की पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की खेप कहां से खरीदी गई थी, फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और बिहार में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।

इसके साथ ही ट्रक के मालिक और कथित मुख्य संचालक राहुल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि इस तरीके से पहले भी शराब की खेप दूसरे राज्यों तक पहुंचाई गई हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बिजनौर में 55 लाख रुपये की शराब बरामद होने से एक बड़े अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। अब पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र इस नेटवर्क के संचालकों तक पहुंचना है।

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