उत्तर प्रदेश

निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरा, दो लोगों की मौत; मकान मालिक गंभीर रूप से घायल

Kavita2
21 Sept 2026 12:08 PM IST
निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरा, दो लोगों की मौत; मकान मालिक गंभीर रूप से घायल
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बदायूं। निर्माणाधीन मकान में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। लिंटर की ढलाई के दौरान अचानक हिस्सा गिरने से मलबे में दबकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मकान मालिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा गांव नौगवां नसीरनगर में हुआ। यहां रहने वाले पन्नालाल यादव सड़क किनारे अपना मकान बनवा रहे थे। रविवार शाम करीब चार बजे निर्माणाधीन मकान में लिंटर डालने की तैयारी चल रही थी। मजदूर सरिया और अन्य सामग्री को ठीक करने का काम कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि लिंटर के नीचे उस समय मकान मालिक पन्नालाल यादव, उनके साले शाहजहांपुर निवासी अवनीश कुमार और पड़ोसी चंद्रभान खड़े थे। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन लिंटर भरभराकर नीचे गिर गया और तीनों लोग मलबे में दब गए।

लिंटर गिरते ही मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। हादसे की सूचना पुलिस को भी दी गई।

शुरुआत में ग्रामीणों के बीच यह बात फैल गई कि मलबे में पांच लोग दबे हुए हैं। इसके बाद राहत और बचाव कार्य तेज किया गया। हालांकि, बाद में पता चला कि मलबे में तीन ही लोग दबे थे।

ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद करीब दो घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। इससे पहले ही ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने बुलडोजर की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया था। स्थानीय लोगों के प्रयास से दबे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई।

हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मकान मालिक पन्नालाल यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। देर शाम प्रशासनिक टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मकान में लिंटर डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन हिस्सा कमजोर होकर गिर गया। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। निर्माण कार्य से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि आसपास के लोग तुरंत मौके पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।

निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, लिंटर और अन्य निर्माण कार्यों के दौरान तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है।

इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों के दौरान निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है, वहीं घायल मकान मालिक का इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

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