उत्तर प्रदेश

लाइब्रेरी बनी ठगी का अड्डा फर्जी निवेश सलाह देकर लगाते थे चूना

Ratna Netam
26 Aug 2026 2:43 PM IST
लाइब्रेरी बनी ठगी का अड्डा फर्जी निवेश सलाह देकर लगाते थे चूना
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चंदौली : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने लाइब्रेरी की आड़ में चल रहे फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और शेयर सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक लाइब्रेरी के नाम पर पूरा नेटवर्क चला रहे थे। बाहर से यह जगह पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए लाइब्रेरी जैसी दिखाई देती थी, लेकिन अंदर शेयर बाजार में निवेश कराने और लोगों से पैसे ऐंठने का खेल चल रहा था। गिरोह के सदस्य लोगों को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे।
लाइब्रेरी में चल रहा था ठगी का खेल
जानकारी के मुताबिक, चंदौली के सराय रसूलपुर गांव में **रीडर्स कम्यूनिटी क्लब** नाम से लाइब्रेरी संचालित की जा रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी लाइब्रेरी की आड़ में फर्जी शेयर बाजार सलाह और निवेश का कारोबार किया जा रहा था।
गिरोह के सदस्य लोगों को शेयर खरीदने और बेचने की सलाह देने के नाम पर संपर्क करते थे। इसके बाद निवेशकों को बड़े मुनाफे का भरोसा दिलाकर उनसे पैसे जमा कराए जाते थे। कई लोगों से रकम लेने के बाद उन्हें नुकसान का हवाला दिया जाता था या फिर संपर्क खत्म कर दिया जाता था।
पुलिस ने ऐसे किया खुलासा
बलुआ थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली, जिसके बाद छापेमारी कर मुख्य संचालक समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामान में 24 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 42 सिम कार्ड, 250 जीबी की हार्ड डिस्क, एक डायरी और दो रजिस्टर शामिल हैं।
250 से ज्यादा ग्राहकों का मिला रिकॉर्ड
पुलिस को जांच के दौरान डायरी और रजिस्टर में करीब 250 ग्राहकों की जानकारी मिली है। इनमें कई लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और निवेश से जुड़ी जानकारियां दर्ज थीं।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की गई है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े और कितने लोग सक्रिय हैं।
सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से बनाते थे शिकार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों तक पहुंचते थे। शेयर बाजार में कम समय में ज्यादा कमाई का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए तैयार किया जाता था।
आजकल ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में बढ़ती रुचि का फायदा उठाकर साइबर ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के कहने पर शेयर बाजार में पैसा निवेश न करें। निवेश से पहले कंपनी और सलाह देने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता जरूर जांच लें।
विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार में निश्चित और गारंटीड मुनाफे का दावा करने वालों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी निवेश में जोखिम होता है और बिना जानकारी के पैसा लगाना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
आगे की जांच जारी
12 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का संचालन कब से किया जा रहा था और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं।
लाइब्रेरी की आड़ में चल रहे इस शेयर सट्टेबाजी और ठगी के नेटवर्क का खुलासा पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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