उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद में तेंदुए का डबल अटैक दो किसान घायल

Ratna Netam
12 Aug 2026 2:43 PM IST
मुरादाबाद में तेंदुए का डबल अटैक दो किसान घायल
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मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। डिलारी थाना क्षेत्र के मलकपुर सेमली गांव में मंगलवार को तेंदुए ने अलग-अलग समय पर दो किसानों पर हमला कर दिया। दोनों हमलों में किसान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। एक ही दिन में दो हमलों की घटना के बाद खादर क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है। खेतों में काम करने वाले किसान अब अकेले बाहर निकलने से भी बच रहे हैं।
पहली घटना मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे हुई। गांव निवासी 22 वर्षीय पुष्पेंद्र अपने भाइयों और चाचा के साथ धान के खेत में यूरिया खाद डालने गया था। इसी दौरान जब वह खेत में खाद बिखेर रहा था, तभी पास के गन्ने के खेत से अचानक तेंदुआ निकल आया। इससे पहले कि पुष्पेंद्र कुछ समझ पाता, तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। बताया गया कि तेंदुए ने उसकी गर्दन पर पंजा मारा और उसे जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद वह किसान को खींचकर गन्ने के खेत की ओर ले जाने लगा।
पुष्पेंद्र के साथ मौजूद परिजनों और आसपास के लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। लोगों की आवाज सुनकर तेंदुआ पुष्पेंद्र को छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। परिजनों के अनुसार सरकारी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने अपने वाहन से घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाद में परिजनों ने पुष्पेंद्र को दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
इसी दिन दूसरी घटना शाम करीब सात बजे हुई। 52 वर्षीय किसान तस्लीम खेत की देखभाल करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बताया गया कि रामगंगा नदी पार करने के बाद घात लगाए बैठे तेंदुए ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। तेंदुए ने उनकी गर्दन को निशाना बनाया। इसी दौरान बैलगाड़ी से गुजर रहे गांव के सफीक, नाजिम और राजू की नजर तेंदुए पर पड़ गई। उन्होंने फावड़ा और डंडा दिखाते हुए शोर मचाया। लोगों के विरोध के बाद तेंदुआ तस्लीम को छोड़कर वहां से भाग गया।
गंभीर रूप से घायल तस्लीम को तत्काल डिलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लगातार एक ही दिन में दो किसानों पर तेंदुए के हमले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की तलाश शुरू कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि खादर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेंदुओं की आवाजाही बढ़ी है। खेतों और गन्ने के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के कारण किसान दहशत में हैं। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि खेती का काम करने के लिए उन्हें रोजाना खेतों में जाना पड़ता है। गन्ने और घनी फसलों के बीच तेंदुए के छिपे होने की आशंका से खतरा और बढ़ गया है।
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर प्रभावित गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए भी लगातार लोगों को सावधान किया जा रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि रात में घर और बाहरी परिसर की लाइटें बंद न की जाएं। ग्रामीणों को खेतों में अकेले जाने से बचने और कम से कम दो या उससे अधिक लोगों के समूह में काम करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन के अनुसार खेतों में काम करते समय आपस में बातचीत करते रहना भी जरूरी है। पूरी तरह खामोशी में काम करने से तेंदुए के अचानक हमला करने का खतरा बढ़ सकता है। रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और जरूरत पड़ने पर टॉर्च लेकर ही बाहर जाने की सलाह दी गई है। पशुओं को भी खुले स्थानों पर न बांधने और सुरक्षित जगह रखने को कहा गया है।
तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम संयुक्त रूप से अभियान चला रही है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर चुके हैं। अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं और एसडीएम, डीएफओ समेत अन्य अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
वन विभाग ने पिछले दिनों कुछ तेंदुओं को पकड़ने में सफलता भी हासिल की है। सोमवार को ठाकुरद्वारा क्षेत्र के बलिया गांव में एक मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुई थी। मंगलवार सुबह लालापुर पीपलसाना क्षेत्र में भी एक अन्य तेंदुए को रेस्क्यू किया गया। इसके बावजूद मलकपुर सेमली में दो किसानों पर हमले ने वन विभाग की चुनौती बढ़ा दी है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाए जा रहे हैं और संभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।
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