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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की लगातार मौजूदगी लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई है। तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पिछले कई महीनों से तेंदुओं की दहशत बनी हुई है। शुक्रवार देर रात एक बार फिर तेंदुए ने साइकिल से घर लौट रहे किसान पर अचानक हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं दूसरी ओर समदगढ़ सिकंदराबाद क्षेत्र में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में एक और तेंदुआ कैद हो गया। पिछले दो महीनों के दौरान जिले में अब तक 24 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं, जिनमें अकेले कांठ क्षेत्र से 8 तेंदुए पकड़े गए हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात किसान साइकिल से अपने घर लौट रहा था। बूढ़ी रामगंगा और पुल के बीच पहुंचने पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से किसान को संभलने का मौका नहीं मिला। तेंदुए के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
किसान पर तेंदुए के हमले की खबर आसपास के गांवों में तेजी से फैल गई। पहले से ही तेंदुओं की गतिविधियों से परेशान ग्रामीणों में इस घटना के बाद दहशत और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों, झाड़ियों और नदी के आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए लगातार दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में शाम और रात के समय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी करने वाले लोगों के लिए स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है। किसानों को सुबह जल्दी और देर शाम तक खेतों में काम करना पड़ता है। कई किसान साइकिल या पैदल ही खेतों और घर के बीच आवाजाही करते हैं। तेंदुओं की मौजूदगी के कारण अब उन्हें खेतों में अकेले जाने से भी डर लगने लगा है।
इसी बीच समदगढ़ सिकंदराबाद में वन विभाग के लिए राहत की खबर सामने आई। यहां तेंदुए की गतिविधि को देखते हुए वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। इसमें एक और तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए के पिंजरे में फंसने की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की।
क्षेत्र में लगातार तेंदुए पकड़े जाने के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता बता रहे हैं। पिछले दो महीनों में मुरादाबाद जिले से अब तक 24 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इनमें अकेले कांठ क्षेत्र से 8 तेंदुए पकड़े गए हैं। इसके बावजूद अलग-अलग गांवों में तेंदुओं के दिखाई देने और हमले की घटनाओं से ग्रामीणों की चिंता कम नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार तेंदुए पकड़े जाने के बावजूद आबादी वाले क्षेत्रों में उनकी गतिविधियां बनी हुई हैं। खेतों के आसपास घनी झाड़ियां, नदी किनारे का इलाका और सुनसान रास्ते तेंदुओं के छिपने के लिए अनुकूल जगह बन रहे हैं। ऐसे स्थानों से गुजरने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
किसान पर हुए ताजा हमले के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन स्थानों पर लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं, वहां अतिरिक्त पिंजरे लगाए जाने चाहिए। इसके अलावा वन विभाग की टीमों को रात के समय भी गश्त करनी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
तेंदुए की दहशत का असर ग्रामीणों की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। कई गांवों में लोग सूर्यास्त के बाद अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं। बच्चों को भी खेतों या सुनसान रास्तों पर अकेले नहीं भेजा जा रहा है। ग्रामीण समूह बनाकर खेतों की तरफ जा रहे हैं और रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
बूढ़ी रामगंगा के आसपास झाड़ियों वाले क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। शुक्रवार रात किसान पर हमला भी इसी इलाके में हुआ। घटना के बाद ग्रामीणों को आशंका है कि क्षेत्र में अन्य तेंदुए भी मौजूद हो सकते हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग वन विभाग से व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं।
पिछले दो महीने में 24 तेंदुओं का पकड़ा जाना सामान्य आंकड़ा नहीं माना जा रहा है। लगातार हो रही घटनाओं ने मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की स्थिति को सामने ला दिया है। विशेष रूप से कांठ क्षेत्र में 8 तेंदुओं के पकड़े जाने के बावजूद समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
वन विभाग के सामने अब तेंदुओं को पकड़ने के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी चुनौती है। संवेदनशील इलाकों की पहचान, पिंजरों की संख्या बढ़ाना और ग्रामीणों को सावधानी के उपायों की जानकारी देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोगों को भी रात में अकेले सुनसान रास्तों से गुजरने से बचने और तेंदुआ दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की जरूरत है।
फिलहाल किसान पर हुए हमले और समदगढ़ सिकंदराबाद में एक और तेंदुए के पकड़े जाने के बाद पूरे क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ पिंजरे में तेंदुआ कैद होने से कुछ राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ किसान पर हुए हमले ने खतरे को फिर सामने ला दिया है। लगातार तेंदुए पकड़े जाने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में बनी दहशत को देखते हुए लोगों की निगाह अब वन विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।





