उत्तर प्रदेश

Ram temple दान राशि को लेकर कानूनी नोटिस

Ratna Netam
7 July 2026 2:43 PM IST
Ram temple  दान राशि को लेकर कानूनी नोटिस
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Varanasi वाराणसी : अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वाराणसी के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा श्री राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए 1.11 लाख रुपये के दान को वापस करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने दावा किया है कि इस संबंध में उन्होंने दिग्विजय सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है।शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने यह कदम दिग्विजय सिंह के हालिया बयान के बाद उठाया है, जिसमें उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं और ट्रस्ट के कामकाज को लेकर सवाल उठाए थे। वकील का कहना है कि यदि दिग्विजय सिंह को मंदिर की व्यवस्था पर आपत्ति है तो उनके द्वारा दिया गया दान वापस किया जाना उचित होगा।

आईएएनएस से बातचीत में शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि उन्होंने श्री राम मंदिर निर्माण के लिए 1,11,000 रुपये का दान दिया था। उन्होंने कहा कि दान किसी धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य के लिए दिया जाता है, लेकिन बाद में उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।उन्होंने दावा किया कि कानूनी नोटिस के माध्यम से दिग्विजय सिंह से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या वह अपना दान वापस लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति मंदिर की व्यवस्था या ट्रस्ट के कार्यों से असहमत है तो उसे अपने दान के संबंध में भी स्पष्ट रुख रखना चाहिए।

मंदिर व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

गौरतलब है कि हाल के दिनों में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर कुछ सवाल उठाए गए हैं। इन मुद्दों पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

इसी क्रम में दिग्विजय सिंह की ओर से मंदिर व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान के बाद यह विवाद सामने आया है। हालांकि, दिग्विजय सिंह की ओर से इस कानूनी नोटिस और दान वापसी के प्रस्ताव पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

वकील ने बताया अपना पक्ष

शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है, बल्कि उनका मानना है कि धार्मिक संस्थाओं और उनसे जुड़े मामलों में स्पष्टता और सम्मान बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी संस्था की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं है तो उसे अपने फैसले को लेकर भी स्पष्ट होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर से लोगों ने श्रद्धा और आस्था के साथ योगदान दिया है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था को लेकर उठने वाले सवालों पर तथ्यात्मक और जिम्मेदार तरीके से बात होनी चाहिए।

मामले पर नजर

फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। कानूनी नोटिस भेजे जाने के दावे के बाद अब सभी की नजर दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया पर है। वहीं, इस पूरे विवाद के बीच श्री राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाओं में सुधार और पारदर्शिता को लेकर लगातार बयान दिए जा रहे हैं।

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