उत्तर प्रदेश

अधिवक्ता पर हमले के विरोध में वकीलों का पीएचक्यू पर धरना, आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग

Kavita2
7 Sept 2026 2:28 PM IST
अधिवक्ता पर हमले के विरोध में वकीलों का पीएचक्यू पर धरना, आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग
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प्रयागराज।अधिवक्ता विष्णु पांडेय पर हुए हमले के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने पुलिस हेड क्वार्टर (पीएचक्यू) के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। वकीलों ने हमले में शामिल आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी पर आक्रोश व्यक्त किया।

धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। एडिशनल सीपी अजय पाल शर्मा और डीसीपी सिटी सागर जैन ने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से बातचीत की। अधिकारियों ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए अधिवक्ताओं से शांत रहने की अपील की। हालांकि, वकील आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर तत्काल कार्रवाई चाहते थे।

स्थिति को देखते हुए बाद में पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया भी पीएचक्यू पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस कमिश्नर ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और कानून के अनुसार आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश कुछ कम हुआ।

लोकनायक रेस्टोरेंट में विवाद के बाद हुआ था हमला

मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के लोकनायक रेस्टोरेंट में हुए विवाद से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार रेस्टोरेंट में झगड़े के बाद अधिवक्ता विष्णु पांडेय पर हमला किया गया था। घटना के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई। उनका कहना है कि अधिवक्ता पर हमला गंभीर मामला है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

घटना को लेकर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया है। दर्ज प्रकरण में भाजपा की महिला पार्षद, उसके बेटे और बेटी को आरोपित बनाया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनमें रोष है। इसी के चलते सोमवार को बड़ी संख्या में वकील पीएचक्यू पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया।

गिरफ्तारी नहीं होने पर बढ़ा आक्रोश

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना में पुलिस को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उनका आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की गई। इससे अधिवक्ताओं में असंतोष बढ़ता गया।

वकीलों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखते हुए कहा कि मामले में नामजद आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने पर विचार कर सकते हैं।

अधिकारियों ने की समझाने की कोशिश

पीएचक्यू के बाहर अधिवक्ताओं के धरने और हंगामे की स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बातचीत शुरू की। एडिशनल सीपी अजय पाल शर्मा और डीसीपी सिटी सागर जैन ने अधिवक्ताओं को मामले में पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रकरण की जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अधिवक्ताओं ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका मुख्य जोर आरोपितों की गिरफ्तारी पर रहा। काफी देर तक पुलिस अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच बातचीत का दौर चलता रहा।

इसके बाद पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं की बात सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को सफलता मिली।

कार्रवाई के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला

पुलिस कमिश्नर के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने फिलहाल अपना विरोध शांत किया। हालांकि, अधिवक्ताओं की ओर से आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर स्पष्ट मांग रखी गई है। अब पूरे मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।

घटना के बाद से अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी का माहौल है। सोमवार को पीएचक्यू पर हुआ प्रदर्शन इसी नाराजगी का परिणाम माना जा रहा है। अधिवक्ताओं ने पुलिस से अपेक्षा जताई है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और घटना में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी।

सिविल लाइंस थाने में दर्ज प्रकरण के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब पुलिस के सामने नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले की जांच को आगे बढ़ाने की चुनौती है। वहीं, अधिवक्ता समुदाय इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई के आधार पर अधिवक्ताओं का अगला रुख तय हो सकता है।

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