- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Lakhimpur: बाघिन के...
Lakhimpur: बाघिन के हमले से गांव में दहशत, मवेशियों की मौत

लखीमपुर खीरी: गोला पश्चिमी बीट अंतर्गत रत्नापुर गांव में शुक्रवार रात एक बाघिन ने घर में घुसकर दो मवेशियों, एक पड़िया और एक बछिया – को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण पूरी रात जागकर सुरक्षा में लगे रहे।
ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 11 बजे जगतार सिंह के घर बाघिन ने घुसकर खूंटे से बंधी पड़िया पर हमला कर दिया। पास में बंधी भैंस ने शोर मचाया और बाघिन से भिड़ गई, जिससे जानवरों की चीख-पुकार सुनकर परिजन जाग गए। टॉर्च की रोशनी पड़ते ही बाघिन वहां से भाग गई। हालांकि वह पड़िया को मारने में सफल रही, लेकिन उसे साथ ले जाने में नाकाम रही और खेतों की ओर भाग गई।
घटना की जानकारी मिलने पर मैलानी वन क्षेत्र के वनकर्मी ग्राम प्रधान के साथ रात में मौके पर पहुंचे, लेकिन बाघिन वहां से जा चुकी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि गोला रेंज के वनकर्मी रात में मौके पर नहीं पहुंचे।
रात करीब दो बजे बाघिन फिर से लौटी और मृत पड़िया को उठाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के शोर मचाने पर वह भाग गई। इसके बाद उसने रंजीत सिंह के घर में घुसकर बछिया पर हमला किया और उसे गन्ने के खेतों की ओर ले गई।
शनिवार सुबह लगभग 7:30 बजे बाघिन अपने तीन शावकों के साथ रत्नापुर मार्ग पर दिखाई दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। सड़क पर आने-जाने वाले बाइक सवारों को ग्रामीणों ने रोककर सतर्क किया। रत्नापुर में पिछले कई दिनों से बाघिन की सक्रियता देखी जा रही है, जिससे ग्रामीण आशंकित हैं कि कहीं प्रदीप कुमार हत्याकांड जैसी कोई और घटना न हो जाए।
घटना की जानकारी मिलने पर फॉरेस्टर अफजल खान मौके पर पहुंचे और बाघिन द्वारा पशुओं के शिकार की पुष्टि की।
ढाका गांव में भी दिखा बाघ
ढाका गांव के निवासी गोविंद कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे गांव के पास झबरा में बाघ देखा गया था। रात को वह उनके घर के सामने खेत में भी नजर आया। इस दौरान वन दरोगा राजाराम तिवारी और अन्य वनकर्मी भी मौके पर मौजूद थे।
बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी
गोला वन क्षेत्राधिकारी संजीव कुमार तिवारी ने बताया कि रत्नापुर में दहशत फैला रही बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के निर्देश मिल चुके हैं। विशेषज्ञों की टीम शाम तक पहुंच जाएगी। उनके मार्गदर्शन में मचान बनाकर बाघिन को बेहोश किया जाएगा ताकि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में स्थानांतरित किया जा सके।





